26 करोड़ से 1054 गांवों में बनेंगे वर्मी कम्पोस्ट व खेल मैदान
गोंडा। गांवों में संपर्क मार्गों के निर्माण से ऊपर उठकर अब विकास की योजनाओं में नए कार्यों को शामिल किया जा रहा है। मनरेगा में ऐसे कार्यों को तवज्जो दिया जा रहा है जिससे विकास के साथ ही गांव की तस्वीर भी बदली-बदली नजर आए।
26 करोड़ के बजट से गावों में वर्मी कम्पोस्ट प्रोजेक्ट शुरू होंगे, जिससे गांव में जैविक खाद का उत्पादन हो सकेगा। इसके साथ ही युवाओं और बच्चों को खेलने के लिए हर गांव में एक-एक खेल मैदान तैयार किया जाएगा।
विकास विभाग के अधिकारियों ने मनरेगा में ऐसी परियोजनाओं को शामिल किया है जिससे गांवों में नए तरह के विकास की तस्वीर पेश हो सके।
जिले के 16 ब्लाकों के 1054 ग्राम पंचायतों में विकास की नई पहल शुुरु हुई है। नाली-सड़क निर्माण से ऊपर उठकार पंचायतों में नए तरह के कार्य होंगे। मनरेगा से इसके लिए 26 करोड़ का बजट तय हुआ है।
इसमें 15 करोड़ 40 लाख से 10 हजार 540 वर्मी कम्पोस्ट का प्रोजेक्ट तैयार होगा। इसके अलावा हर ग्राम पंचायत में बच्चों को खेलने के लिए हर गांव में एक-एक खेल मैदान विकसित किया जाएगा।
इस पर 10 करोड़ 54 लाख रुपये का बजट तय किया गया है। इस तरह गांवों में जैविक खाद का उत्पादन तो होगा ही युवाओं को खेलने के लिए मैदान हासिल होंगे।
गांवों में खेल की प्रतिभाएं तो हैं लेकिन उन्हें अवसर और स्थान नही मिल पाता है। बीते वर्ष 2016 में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रगति अभियान तत्कालीन डीएम आशुतोष निरंजन ने शुरू किया तो करीब एक लाख प्रतिभाओं ने प्रतिभाग किया।
हर गांव में खेल आयोजन हुए उस समय भी खेल मैदान न होने से आयोजन में दिक्कत आई। अब ग्राम्य विकास विभाग ने मनरेगा से हर गांव में एक-एक खेल मैदान तैयार करने की परियोजना तैयार किया।
इसमें एक मैदान पर करीब एक लाख का खर्च होगा। यही नही मैदान के चारो ओर पौधरोपण भी करने का निर्देश दिया है। जिससे मैदान के साथ ही हरियाली भी हो सके। 1054 पंचायतों में खेल मैदान के करीब 10 करोड़ 54 लाख रुपए खर्च होंगे और गावों के युवाओं को बेहतर अवसर हासिल हो सकेगा।
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से मनरेगा से ही वर्मी कम्पोस्ट परियोजना के लिए अभियान शुरु किया है। हर पंचायत में 10-10 लाभार्थियों का चयन वर्मी कम्पोस्ट से किया जाएगा। इसमें दो गड्ढे तैयार होंगे।
गड्ढों में ऐसा कूड़ा जो गल सकता है उसे डाला जाएगा। इसके बाद उसमें वर्मी केंचुआ डाला जाएगा जो कूड़े को खाद बना देंगे। वे धीरे-धीरे कूड़ों को खाकर खाद बनाएंगे। इस प्रक्रिया में जब एक गड्ढा भर जाएगा तो दूसरे गड्ढे में कूड़ा डालेंगे।
किसानों से इससे जैविक खाद हासिल होगी। जिसका प्रयोग वे खेतों में कर सकेंगे और इससे पैदावार तो बढेगी ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढेगी। 1054 गावों में 10 हजार 540 कम्पोस्ट गड्ढे तैयार किए जाएंगे। इस पर 15 करोड़ 54 लाख खर्च आएगा।
मनरेगा से वर्मी कम्पोस्ट और खेल मैदान से गावों के मजदूरों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। करीब 16 करोड़ रुपए श्रम पर ही खर्च होगा। इससे मनरेगा के मजदूरों को सीधे रोजागार देकर मजदूरी मिलेगा।
इस तरह गावों के विकास के साथ ही मजदूरों की समस्याएं भी दूर होंगी। हर गांव के मजदूरों को इन परियोजनाओं से लाभ होगा। गांवों के करीब एक लाख मजदूरों को सीधे गांव में ही रोजगार ही हासिल हो सकेगा।
गांवों के विकास के साथ ही मजदूरों को सीधे रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा से परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। हर गांव में रोजगार सृजन पर जोर दिया जा रहा है।
अशोक कुमार, सीडीओ