गोंडा। बिहार के मोतिहारी से हरियाणा के कुरुक्षेत्र की चावल मिल में मजदूरी कराने के लिए ले जाए जा रहे 12 बच्चे आरपीएफ को ट्रेन में चेकिंग के दौरान मिले हैं। बच्चों को लेकर जा रहे दो युवकों को टीम ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में दो ठेकेदारों के नाम भी सामने आए हैं। ठेकेदारों समेत चार लोगों के विरुद्ध एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिरुद्ध राय ने बताया कि अपराध आसूचना शाखा, रेलवे सुरक्षा बल, बचपन बचाओ आंदोलन समिति गोरखपुर और अपराजिता सामाजिक समिति बहराइच की टीम ने बृहस्पतिवार को ट्रेनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अभियान चलाया। दरभंगा से अमृतसर जाने वाली जननायक एक्सप्रेस के बरुआचक स्टेशन से रवाना होने के बाद सामान्य कोच में कुछ बच्चे डरे-सहमे मिले। उनके साथ मौजूद दो युवकों पर संदेह हुआ।
इस पर ट्रेन के गोंडा स्टेशन पहुंचने पर सभी को उतार लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि बच्चों को कुरुक्षेत्र के पेहवा कस्बे में चावल मिल में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। बच्चों को बिहार के मोतिहारी जिले के मेहसी थाना क्षेत्र के कटहा निवासी प्रमोद कुमार और मेहसी के मिथुनपुरवा निवासी विजय शाह मोतिहारी से लेकर जा रहे थे। जांच में ठेकेदार अनिल और मुकेश की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि बच्चों के परिजनों को प्रलोभन देकर उन्हें भेजने के लिए अग्रिम धन दिया गया था।
सभी 12 बच्चों को चाइल्ड लाइन गोंडा की प्रभारी नीतू त्रिपाठी को देखभाल एवं संरक्षण के लिए सौंप दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने में आरोपी प्रमोद कुमार, विजय शाह और प्रकाश में आए ठेकेदार मुकेश शाह व अनिल शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।