बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी न करने वाले पांच शिक्षक निलंबित
गोंडा। यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों पर कार्रवाई शुरु हो गई है। मंगलवार को परीक्षा ड्यूटी से गैरहाजिर मिले पांच शिक्षकों को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में वित्तविहीन स्कूलों व माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने परीक्षा के प्रारंभ में परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था। इस पर कक्ष निरीक्षकों की कमी को दूर करने के लिए परिषदीय स्कूलों के करीब ढाई हजार शिक्षक परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए हैं।
बावजूद इसके परीक्षा केंद्र कक्ष निरीक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं और इसकी शिकायत मुख्यालय तक पहुंच रही है। मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय ने वजीरगंज के पूरे ढाढू स्थित विंदा सिंह स्मारक श्री राम कृषि इंटर कॉलेज में हो रही परीक्षा का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र व्यवस्थापक ने बीएसए को बताया कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई गई थी। मगर शिक्षक परीक्षा ड्यूटी में नहीं पहुंचे। इससे परीक्षा प्रभावित हो रही है।
इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने ड्यूटी पर लगाए गए प्राथमिक विद्यालय गोरथनिया के शिक्षक अमित मिश्र, प्राथमिक विद्यालय अहिरनपुरवा के अध्यापक धीरेंद्र कुमार सिंह, तारापुरवा के शिक्षक राहुल कुमार, प्राथमिक विद्यालय नई दुनिया के राजेंद्र कुमार व प्राथमिक विद्यालय मझारा प्रथम की शिक्षिका सुमन कौशल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बीएसए ने बताया कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ड्यूटी से गायब रहना गंभीर है। पांच शिक्षकों को आदेशों की अवहेलना व लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है।
13779 बच्चों ने छोड़ी गणित की परीक्षा
गोंडा। नकल मुक्त परीक्षा के कारण यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा छोड़ने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को हाईस्कूल के गणित के पेपर में 11529 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इसके अलावा इंटरमीडिएट की गृहविज्ञान की परीक्षा में भी 1192 परीक्षार्थी केंद्रों तक नहीं पहुंचे।
इसी तरह सोमवार को दूसरी पाली में इंटरमीडिएट की गणित व प्रारंभिक गणित में 1019 छात्र परीक्षा देने नहीं आए। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा के दौरान सचल दल की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहीं हैं।
परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन का ब्यौरा तलब
गोंडा। यूपी बोर्ड परीक्षा में सख्ती के बाद परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों पर शासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। परीक्षा छोडने वाले छात्र छात्राओं की संख्या को लेकर शासन स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।
इस समीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव ने परीक्षा छोड़ने वाले छात्र छात्राओं के आंतरिक मूल्यांकन का ब्योरा जिला विद्यालय निरीक्षक से तलब किया है। बोर्ड सचिव ने 20 फरवरी तक परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के नंबरों को ऑनलाइन अपलोडिंग करने के निर्देश दिए हैं।
एक भी छात्र नहीं पहुंचा
मसकनवा के बीपी इंटर कॉलेज पटखौली केंद्र पर मंगलवार को इंटर के वाणिज्य वर्ग प्रथम प्रश्न पत्र औद्योगिक संगठन की परीक्षा में कोई भी छात्र परीक्षा देने नहीं आया। केन्द्र व्यवस्थापक केशरी प्रसाद चौरसिया, सहायक केंद्र व्यवस्थापक सुधांशु गुप्त और स्टेटिक मजिस्ट्रेट उमा नाथ तिवारी परीक्षार्थियों के आने की राह देखते रहे।
केन्द्र व्यवस्थापक चौरसिया ने बताया कि केन्द्र पर इंटरमीडिएट वाणिज्य वर्ग की दो छात्राओं को परीक्षा देना था, लेकिन दोनों ने परीक्षा छोड़ दी। उन्होंने बताया कि दोनों छात्राएं बीपी इंटर कॉलेज की संस्थागत छात्राएं हैं।