बुढ़वल-गोंडा के बीच बिछेगी तीसरी रेल लाइन
गोंडा। गोंडा से लखनऊ आने-जाने वाले यात्रियों का रेल सफर आसान करने के लिए जल्दी ही रेलवे बुढ़वल से गोंडा के बीच 61 किलोमीटर की एक तीसरी लाइन बिछाने जा रहा है। इस लाइन के बिछ जाने से गोंडा से लखनऊ आने-जाने वाली ट्रेनों को ज्यादा देर तक बुढ़वल के आगे किसी स्टेशन पर नहीं रुकना पड़ेगा।
बुढ़वल से गोंडा के बीच रेल लाइन का तिहराकरण हो जाने से न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा बल्कि ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से चल सकेंगी।
मौजूदा वक्त लखनऊ से गोंडा, बलरामपुर होते हुए गोरखपुर तक चलने वाली 136 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन गोंडा होते हुए होता है। इसमें से सारी ट्रेनें गोरखपुर से गोंडा होते हुए लखनऊ और लखनऊ से बुढ़वल के रास्ते ही गोंडा आती-जाती है।
गोंडा से बुढ़वल के बीच डबल ट्रैक है। लेकिन ट्रेनों की संख्या इतनी ज्यादा है कि आए दिन किसी न किसी स्टेशन पर सुपरफास्ट ट्रेनों को पास कराए जाने के लिए दूसरी ट्रेनें खड़ी कर दी जाती है। जबकि माल गाड़ियों का आवागमन भी इसी रूट से होता है।
गोंडा से लखनऊ और लखनऊ से गोंडा के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों की स्थिति तो यह है कि पैसेंजर ट्रेन से यात्रा करने में लोगों को 6 से 7 घंटे 120 किलोमीटर की दूरी तय करने में लग जाते हैं।
जिसके लिए काफी समय से बुढ़वल से गोंडा के बीच रेल ट्रैक के तिहरेकरण की मांग चल रही थी। जिसके लिए इस बजट में सरकार ने 61 करोड़ रुपये पास भी कर दिए हैं। बुढ़वल से गोंडा के बुढ़वल के बीच की दूरी भी 61 किलोमीटर है। जिसका जल्द ही 61 करोड़ रुपये से तिहराकरण करने का काम रेलवे शुरू कर देगा।
तीसरी रेल लाइन बिछ जाने से गोंडा से लखनऊ और लखनऊ से गोंडा आने-जाने वाले यात्रियों को ज्यादा समय नहीं गंवाना पड़ेगा और वह ढाई से तीन घंटे में लखनऊ व गोंडा की यात्रा का लुत्फ उठा सकेंगे।
121 करोड़ से बलरामपुर-नौतनवा रेल लाइन का होगा दोहरीकरण
उधर गोंडा से बलरामपुर वाया नौतनवा तक 121 किलोमीटर की दूरी मे रेल लाइन का भी दोहरीकरण किया जाना है। जिसका काम 121 करोड़ रुपये की लागत से होगा।
गोंडा से नौतनवा की दूरी 122 किलोमीटर है। जहां जाने के लिए रेलवे ने अभी सिर्फ एक ही लाइन बिछा रखी है। जिसका जल्द ही दोहरीकरण किया जाएगा।
गोंडा से बुढ़वल के बीच ट्रेनों का आवागमन सुलभ करने के लिए इस लाइन का तिहराकरण किया जाएगा। जबकि गोंडा से बलरामपुर होते हुए नौतनवा के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण भी होना है। इसके लिए सरकार की ओर से पैसा मिल गया है। जल्द ही दोनों जगहों का काम शुरू करा दिया जाएगा।
संजय यादव, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे