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पक्के मकान वाले 24 अपात्रों को दे दिया प्रधानमंत्री आवास

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गोंडा। प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में एक बार फिर से अपात्रों को आवास आवंटित किए जाने का मामला सामने आया है। इस बार पंडरीकृपाल ब्लॉक के खैरा गांव में पक्के मकान वाले 24 अपात्रों को आवास का लाभ दे दिया गया। इनमें ग्राम प्रधान के सगे भाई व चाचा समेत अन्य संबंधी भी शामिल हैं। जिला कृषि अधिकारी की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद अफसरों व प्रधानों के गठजोड़ की कलई फिर से सामने आ गई है।
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पंडरी कृपाल ब्लाक के खैरा गांव में वित्तीय वर्ष 2015-16 में 26 लोगों को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए चयनित किया गया था। इसके लिए ग्राम पंचायत के सचिव व ब्लॉक के एडीओ पंचायत को लाभार्थियों के चयन व उनके पात्रता की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन इन अफसरों ने पात्रों का चयन करने के बजाय ग्राम प्रधान से मिलीभगत कर उनके सगे संबंधियों को प्रधानमंत्री आवास का लाभार्थी बना दिया। अफसरों ने नियमों को ताक पर रखते हुए प्रधान के सगे भाई, पिता, चाचा, चाची व रेलवे के एक कर्मचारी के बेटे को आवास योजना का पात्र बताते हुए उन्हें प्रधानमंत्री आवास का आवंटन कर दिया। शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल ने जिला कृषि अधिकारी को इसकी जांच के निर्देश दिए। जिला कृषि अधिकारी जब वह आवास के लाभार्थियों की जांच के लिए खैरा गांव पहुंचे तो लाभार्थियों के दो मंजिला मकानों को देखकर वह दंग रहे गए। कृषि अधिकारी को जांच के दौरान आवंटित किए गए 26 आवासों में से 24 आवास के लाभार्थी अपात्र पाए गए। जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह ने बताया कि जल्द ही जांच रिपोर्ट वह मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेंगे।

इंदिरा आवास का लाभ पाने वाले को भी मिला आवास
खैरा गांव में आवास आवंटन के दौरान अफसरों ने ग्राम प्रधान से मिलकर जमकर खेल किया। वास्तविक लाभार्थियों का दरकिनार कर गांव के पंचायत सचिव ने प्रधान के चहेतों को ही आवास के लिए चयनित किया। इस चयन में ऐसे लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिया गया जिन्हें पूर्व में इंदिरा आवास व स्त्रोनयन आवास का लाभ मिल चुका है।
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जिस भी गांव पंचायत से आवास आवंटन में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है उन सभी की जांच कराई जा रही है। खैरा गांव की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलते ही दोषी कर्मचारियों व ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही लाभार्थियों को आवंटित की गई राशि की वसूली भी की जाएगी। -वीरपाल, परियोजना निदेशक
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