113 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
करनैलगंज व परसपुर में घाघरा तो नवाबगंज में सरयू ने मचाई तबाही
करनैलगंज के 77 तो नवाबगंज के 36 गांव बाढ़ प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। करनैलगंज क्षेत्र में घाघरा नदी की तबाही दिनों दिन बढ़ती जा रही है। बुधवार को बाढ़ का पानी क्षेत्र के 77 नए गांवों में प्रवेश कर गया है और घाघरा का रुख करनैलगंज तहसील की तरफ हो गया है। परसपुर क्षेत्र के भी कई गांव घाघरा की चपेट में आ गए हैं और बहुवन मदार माझा समेत आधा दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। घाघरा के इस तांडव के बीच नवाबगंज में सरयू नदी ने भी तबाही मचाना शुरू कर दिया है और बुधवार को इस क्षेत्र के करीब 36 गांव सरयू नदी में आई बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
करनैलगंज क्षेत्र में घाघरा का पानी पिछले 24 घंटे में 77 नये मजरों में प्रवेश कर गया। जिससे बाढ़ से प्रभावित मजरों की संख्या 355 हो गई है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से करीब एक दर्जन मजरों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। तेजी से बाढ़ के पानी का क्षेत्र में फैलाव होने से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। हर तरफ पानी ही पानी है। बांध की ओर जाने वाले रास्ते पर जलभराव के चलते निकलना मुश्किल हो गया है। जिले की सीमा पर बसे बाराबंकी जिले के दो मजरों पारा एंव चरपुरवा को घाघरा ने काटकर अपनी धारा में परिवर्तित कर लिया है। दूसरी ओर बेहटा में कटान के चलते बांध व गांव दोनों को खतरा पैदा हो गया है। करनैलगंज ग्राम नकहरा, काशीपुर, घरकुंइया, प्रतापपुर, बहुवन मदार मांझा के करीब एक दर्जन मजरे ऐसे हैं जो घाघरा नदी के मुहाने पर हैं तथा पानी के तेज बहाव के आगे उनके अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने उन मजरों को पूरी तरह से खाली करा लिया है। बुधवार को घाघरा में पानी का डिस्चार्ज 2 लाख 57 हजार क्यूसेक रहा तो नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से करीब 65 सेटीमीटर ऊपर ही बना रहा। जबकि जलस्तर 106.686 पर स्थिर रहा। घाघरा का पानी अब तेजी से परसपुर क्षेत्र की तरफ बए़ रहा है। बुधवार को परसपुर के सुकईपुरवा वा बमबमपुरवा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए। यहां सड़कों पर तेज गति से बाढ़ का पानी बह रहा है। इन मजरों के तमाम लोगों ने अपने मवेशियों के साथ बंधे पर अपना डेरा जमा लिया है। एल्गिन चरसड़ी बांध पर शरण लिए ग्राम बमबम पुरवा सुकईपुरवा निवासी ठाकुरप्रसाद,ननके, राजभवन, प्रताप, हरीराम, नन्दलाल, रामदरश, कमलेश, श्रीराम व राजेश ने बताया कि गावं के चारों तरफ पानी भर जाने से लोग बंधे पर रहने को विवश हैं। यहां के लोगो को प्रशासन की तरफ से कोई राहत सामग्री भी नहीं उपलब्ध कराई गई है। घाघरा के साथ साथ अब सरयू नदी ने भी तबाही मचाना शुरु कर दिया है। सरयू नदी के बढ़ते जलस्त से नवाबगंज क्षेत्र के लोगो की धड़कने बढने लगी हैं। बुधवार को बाढ़ का पानी क्षेत्र के दुल्लापुर,जैतपुर, तुलसीपुर माझा,दुर्गागंज,माझाराठ, साकीपुर,ढेंमवा घाट,नकहरा व इंदरपुर,समेत करीब 36 मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया। इन मजरो में फसलो के साथ साथ संपर्क मार्गो पर भी बाढ़ का पानी चढ़ आया है जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
इनसेट
बाढ़ के चलते बंद हुई बिजली की सप्लाई
परसपुर। इलाके में बाढ़ की विनाश लीला को देखते हुए विद्युत् सब स्टेशन परसपुर से बाढ़ ग्रस्त इलाकों की विद्युत् सप्लाई तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गयी है। बिजली की सप्लाई बंद होने से इस क्षेत्र के करीब 8 सौ उपभोक्ताओं समेत 3 हजार की आबादी अंधेरें में डूब गइ्र है। सब स्टेशन के प्रभारी अवर अभियंता मोहम्मद आरिफ खान ने बताया कि अगर बाढ़ का पानी स्थिर रहता है तो स्थिति का आंकलन कर सप्लाई बहाल की जायेगी।