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टेंडर में हार्डकापी जमा करने का झंझट अब खत्म

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ई-टेंडरिंग में हार्ड कॉपी जमा करने का झंझट अब खत्म

गोंडा। बीते दिनों लखनऊ में बिजली बिलिंग के लिए टेंडर डालने आए एक ठेकेदार को टेंडर डालने से रोकने के लिए उसे अगवा करने के मामले में सबक लेते हुए पावर कॉर्पोरेशन ने ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया में हार्ड कॉपी जमा करवाए जाने की अनिवायर्तता खत्म कर दी है।

यूपीपीसीएल (उप्र पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की प्रबंध निदेशक अर्पणा यू ने ई टेंडर में निविदा शुल्क व ईएमडी को बैंक में आरटीजीएस/एनईएफटी (नीफ्ट) के माध्यम से सीधे बैंक में जमा कराए जाने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है।
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जिसके बाद घर बैठकर टेंडर डालने वाले पावर कारपोरेशन के किसी भी ठेकेदार को हार्डकॉपी जमा करने के लिए किसी अधिकारी के दफ्तर नहीं जाना होगा और वह घर बैठे ही टेंडर का हकदार बन सकेगा।

सरकारी विभागों में अभी तक टेंडर की प्रक्रिया मैनुअली संपादित होती थी। जिसके लिए कुछ गिने-चुने स्थानों पर पहले टेंडर बिकते थे, बाद में वही टेंडर अधिकारी के दफ्तर में एक बक्से में डाले जाते थे।

जिसे लेकर आए दिन प्रभावशाली ठेकेदारों व रसूखदार लोगों के बीच विवाद हो जाया करता था। सत्ता में आते ही योगी सरकार ने सबसे पहले सरकारी विभागों में लागू मैनुअली टेंडर की जगह ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू की।

जिसके तहत ठेकेदार ऑनलाइन टेंडर तो डाल सकते थे, लेकिन टेंडर की हार्डकॉपी और बैंक से सम्बंधित प्रपत्रों को उन्हें सम्बंधित विभाग के कार्यालय में जाकर जमा करना पड़ता था।

लखनऊ में बीते दिनों ई-टेंडरिंग के बावजूद टेंडर की हार्डकॉपी जमा करने आए एक ठेकेदार को कुछ लोगों ने अगवा कर लिया और उसे टेंडर नहीं डालने दिया। जिसे लेकर सम्बंधित थाने में ठेकेदार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है।

वहीं आए दिन ऐसे मामलों में टेंडर की हार्डकापी जमा करने को लेकर विवाद की भी नौबत बनती-बिगड़ती रही। जिससे सबक लेते हुए पावर कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक अर्पणा यू ने ई-टेंडरिंग के तहत निकलने वाले टेंडर में हार्डकॉपी जमा करने की अनिवार्यता को पूरी तरह से खत्म करते हुए टेंडर की निविदा शुल्क व ईएमडी को सीधे आरटीजीएस व नीफ्ट के माध्यम से बैंक में जमा कराए जाने की व्यवस्था लागू कर दी है।

ताकि टेंडर डालने के इच्छुक ठेकेदार सीधे आनलाइन नेट के जरिए विभागीय प्रक्रिया को सम्पादित कराएं और इसके लिए उन्हें सम्बंधित विभाग के कार्यालय भी न जाना पड़े।

एमडी यूपीपीसीएल अर्पणा यू के मुताबिक कुछ ऐसे मामले उनके संज्ञान में आए जिसमें यह पता चला कि टेंडर में प्रतिभागी फर्मों/अधिकृत प्रतिनिधियों को टेंडर की निविदा शुल्क, बैंक गारंटी, बैंकर्स चेक, काल डिपाजिट व अन्य व्यवसायिक प्रपत्रों की हार्डकापी जमा करने से रोका जा रहा है।

जिससे ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया निष्पक्ष व पारदर्शी नहीं हो पा रही। इसलिए अब से आमंत्रित किए जाने वाले टेंडरों में निविदा शुल्क, ईएमडी व अन्य व्यवसायिक प्रपत्रों से जुड़ी हार्डकापी जमा करने के लिए निविदा की इच्छुक किसी भी फर्म के ठेकेदार को सम्बंधित कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा और वह सीधे घर बैठे अपने बैंक के मार्फत निविदा शुल्क, ईएमडी सम्बंधित कार्यालय के बैंक खाते में आरटीजीएस व नीफ्ट के माध्यम से जमा कर सकेगा।
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बैंक जमा का साक्ष्य योज्य यूटीआर संख्या, पे इन स्लिप मूल की प्रति, बैंक गारंटी की मूलप्रति (ईश्यूइंग बैंक के कन्फर्मेशन मेल की प्रति), ई टेंडर के प्रपत्रों के साथ आनलाइन अपलोड की जाएगी। ताकि ई-टेंडरिंग की व्यवस्था सुचारू ढंग से निष्पक्ष संपादित हो सके।
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