गोंडा। स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग भले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुका हो, लेकिन स्कूल प्रबंधन व वाहन चालक लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को ऐसा ही मामला सामने आया जब एआरटीओ प्रवर्तन की टीम ने 52 सीटों की क्षमता वाली एक बस में 108 बच्चे बैठाकर ले जा रहे चालक को 27 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पकड़ा। चालक को कड़ी फटकार लगाते हुए 35 हजार रुपये का चालान काटा गया।
एआरटीओ आरसी भारतीय ने बताया कि शहर में लखनऊ रोड पर निरीक्षण के दौरान एक निजी बस स्कूली बच्चों को लेकर तेजी से गुजरी। जिसमें सिद्धार्थनगर जिले के एक निजी स्कूल का नाम व शैक्षिक भ्रमण की सूचना चस्पा थी। बस का पीछा करने पर ड्राइवर ने स्पीड बढ़ा दी। करनैलगंज में ओवरटेक करके बस को रुकवाया गया। बस रुकते ही बच्चे डरे-सहमे में मिले। कई बच्चे खड़े थे, कुछ सीटों पर तीन-तीन बच्चों को बैठाया गया था। चालक को फटकार लगाते हुए 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, एआरटीओ के निरीक्षण के दौरान अनफिट मिलने पर चार वाहन, बिना नंबर प्लेट वाले सात वाहन, ओवर स्पीड पर आठ वाहनों का चालान काटा गया है।
रोडवेज के पास नहीं दिखे डग्गामार वाहन
डग्गामार वाहनों के खिलाफ आईजी अमित पाठक की बड़ी कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार को रोडवेज बस अड्डे के पास बदला-बदला नजारा देखने को मिला। गुरुनानक चौक से लेकर एलबीएस तक कोई भी डग्गामार वाहन नहीं दिखाई पड़ा। यातायात पुलिसकर्मी दिनभर चौकन्ना रहे। निजी वाहनों को चौराहे के आसपास रुकने नहीं दिया गया।