परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर सवाल
गोंडा। परिषदीय स्कूलों में चल रहे स्कूल चलो अभियान व नामांकन कार्यक्रम की हकीकत शुक्रवार को बीईओ के निरीक्षण मे सामने आ गई। बीईओ मुजेहना ने शुक्रवार को तीन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्कूलों मे बच्चों की उपस्थिति बेहद कम मिली। एक स्कूल मे को नामांकित 110 बच्चों के सापेक्ष महज 26 बच्चे मौजूद मिले। स्कूल से एक शिक्षक व दो शिक्षामित्र भी गैरहाजिर मिले।
बीईओ ने गैरहाजिर शिक्षक का एक दिन के वेतन व शिक्षामित्रों का मानदेय काटे जाने की संस्तुति बीएसए को भेजी है।
मुजेहना शिक्षा क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी रामराज के मुताबिक शुक्रवार को उन्होंने क्षेत्र के तीन स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय अहिरनपुरवा में 110 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष महज 26 बच्चो ही मौजूद मिले।
स्कूल में महज एक शिक्षिका ममता मौजूद मिली जो सभी बच्चों को एक ही क्लास में बैठकर पढ़ाई का प्रयास कर रहीं थी। स्कूल के दूसरे अध्यापक मोहम्मद कादिर बिना सूचना के गैरहाजिर मिले।
इसके अलावा स्कूल में कार्यरत शिक्षामित्र राकेश शुक्ल व शशि सिंह भी गैरहाजिर पाई गईं। उच्च प्राथमिक विद्यालय में 61 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष 15 बच्चे मौजूद मिले।
एमडीएम मीनू के अनुरूप नहीं मिला। जबकि प्राथमिक विद्यालय जमुनही मे सभी शिक्षक व शिक्षामित्र मौजूद मिले। बीईओ ने बताया कि गैर हाजिर शिक्षक मोहम्मद कादिर का एक दिन का वेतन व दोनो शिक्षामित्रों का गैरहाजिर अवधि का मानदेय काटे जाने की संस्तुति बीएसए को भेजी गई है।
सर्व शिक्षा अभियान की योजनाओं की निगरानी अब मानव संसाधन मंत्रालय सीधे आनलाइन से करेगा। इसके प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग सिस्टम व्यवस्था लागू किया गया। मंत्रालय ने एप जारी कर सभी को योजनाओं की डिटेल दर्ज करने का निर्देश दिया है।
इसमें दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित समेकित शिक्षा योजना भी शामिल है। योजना के जिला समन्वयक राजेश सिंह ने विशेष शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित किया और उन्हें एप पर दिव्यांग बच्चों की डिटेल के साथ ही उन्हें दी जाने वाली योजनाओं के लाभ का ब्यौरा दर्ज करने का तरीका बताया।
जिले में 5 हजार दिव्यांग बच्चे चिन्हित हैं और तीन हजार बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पंजीकृत हैं। एप पर उनकी डिटेल दर्ज होगी।
स्कूलों में खेल गतिविधियों को लागू करने के लिए बीएसए मनिराम सिंह ने कवायद शुरू कर दिया है। पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग ने खेल के लिए स्कूलों को बजट दिया है। प्रत्येक प्राइमरी स्कूल को पांच हजार व जूनियर हाईस्कूलों को दस हजार की दर से भुगतान किया गया है।
इससे हर स्कूल में स्पोर्ट किट क्रय करने के लिए बीएसए ने आवश्यक जानकारी दिया। खंड शिक्षा अधिकारियों को जानकारी ली और जिला व्यायाम शिक्षक संजय सिंह ने कार्यक्रम के बारे में बताया। बैठक में बीईओ आरपी सिंह, अनिल झा, रामराज आदि मौजूद रहे।