डीएम साहब, बांध का नक्शा बदलिए तभी जमीन देंगे
गोंडा। करनैलगंज के नकहरा गांव में बांध बनाने का विरोध कर रहे किसानों को तहसील मुख्यालय पर बुलवाकर डीएम कैप्टन प्रभान्शु श्रीवास्तव ने बात की। लेकिन डीएम के मनाने पर भी किसानों ने बांध का नक्शा बदले बिना जमीन देने से इनकार कर दिया है।
बता दें कि बाढ़ खंड की ओर से तहसील करनैलगंज बाढ़ क्षेत्र में एल्गिन-चरसड़ी तटबंध को घाघरा नदी की कटान से बचाव के लिए 4.8 किलोमीटर लम्बे तटबंध का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
पूरे तटबंध के निर्माण की लगात 97.35 करोड़ रुपये है। जिसमें 07 स्पर तथा 2 कटइन भी बनने थे जिनका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लगभग तीन किलोमीटर बांध का भी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
अब तक बांध निर्माण का 80 प्रतिशत कार्य पूरा कराया जा चुका है। लेकिन 1.8 किलोमीटर बांध नकहरा गांव के समीप बनना है जिसका विरोध गांव के 58 किसान कर रहे हैं।
डीएम ने ग्राम प्रधान व किसानों से बात की तो किसानों ने डीएम से कहा बांध का नक्शा बदला जाए तभी वे लोग बंधे का निर्माण होने देंगे। किसानों के अनुरोध पर डीएम ने एसडीएम करनैलगंज रमाकांत वर्मा, तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान तथा एक्सईएन बाढ़ खण्ड विश्वनाथ शुक्ला को निर्देश दिए कि वे मौके पर किसानों के साथ जाएं और स्थिति देखकर उन्हें अवगत कराएं।
उन्होंने कहा कि यदि गुंजाइश होगी तो थोड़ा बहुत फेरबदल करने का प्रयास किया जा सकता है अथवा टेक्निकल टीम के निर्धारित जगह पर ही बंधे का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जो भी नियमसंगत मुआवजा होगा जिला प्रशासन उसे किसानों को दिलाएगा। मगर एक गांव की वजह से हजारों की आबादी को बाढ़ में डूबने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से जनहित कार्य में सहयोग करने की अपील की।
बैठक में एसडीएम करनैलगंज आरके वर्मा, एक्सईएन बाढ़ खण्ड विश्वनाथ शुक्ला, तहसीलदार मिश्री सिंह चैहान तथा नकहरा, काशीपुर, घरकुइंया के ग्राम प्रधान व गांव के किसान प्रदीप, राजबक्श, तीरथराम समेत अन्य किसान मौजूद रहे।