पहली बार आयोजित हो रहे विश्व योग दिवस पर जिले में करीब 10 हजार लोग विभिन्न शिविरों में योगाभ्यास करेंगे। विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा एसएसबी ने लोगों को योग सिखाने के लिए व्यापक तैयारी की है। योग शिविरों में लोगों को आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा योग से होने वाले लाभ की जानकारी भी दी जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करने का कोई आदेश आला अफसरों को नहीं मिला है। ऐसे में लोग स्वेच्छा से योग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं।
भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि योग समिति तथा गायत्री परिवार ने जिले के कई स्थानों पर योग शिविरों का आयोजन किया है। प्रात: छह बजे से 7:30 बजे तक आयोजित होने वाले इन शिविरों में योग सिखाने के साथ-साथ लोगों को योग से होने वाले लाभ की जानकारी भी दी जाएगी।
इसी तरह नगर के गायत्री शक्तिपीठ, गैसड़ी बाजार तथा हरैया सतघरवा स्थित शिव मंदिर के बगल में योग दिवस पर शिविर का आयोजन किया गया है। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में मो. सईद मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित योग शिविर में मो. अख्तर व शाइस्ता बानो लोगों को योग सिखाएंगे।
विश्व योग दिवस पर आयोजित होने वाले योग शिविरों की तैयारी पूर्व से ही की जा रही है। नेहरू युवा केंद्र द्वारा बलरामपुर चीनी मिल स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में योग शिविर का आयोजन किया गया है। इसमें जिले के विभिन्न ब्लॉकों के युवा योग के गुर सीखेंगे।
ये जानकारी केंद्र के जिला समन्वयक प्रदीप कुमार सिंह ने दी। गैसड़ी बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में भी गायत्री परिवार बाल संस्कारशाला के प्रशिक्षक संदीप जायसवाल द्वारा लोगों को योग सिखाया जाएगा। इन शिविरों में शिथिलीकरण, अनुलोम-विलोम, कपालभांति, भुजंगासन, पादहस्तासन, कटिपालन, ताणासन, वृक्षासन, मकरासन आदि सिखाया जाएगा।
डायट में प्रशिक्षु शिक्षकों को भी योग की ट्रेनिंग दी जा रही है। डीएम प्रीति शुक्ला व एसपी वीडी शुक्ल ने बताया कि इस संबंध में सरकार की तरफ से किसी तरह का निर्देश नहीं दिया गया है।
योग से स्वस्थ होता शरीर
योग व्यक्ति को स्वस्थ व शक्तिशाली बनाता है। आयुर्वेद में योग को दैनिक जीवन का प्रमुख अंग बताया गया है। योग से असाध्य बीमारियां भी धीरे-धीरे ठीक हो जाती हैं। योग से सिरदर्द, अस्थमा, हाथ-पैर व कमर का दर्द तथा पेट की सभी बीमारियों के साथ-साथ अन्य रोगों का भी उपचार होता है। योग से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। - डॉ. प्रांजल त्रिपाठी, आयुर्वेदाचार्य बलरामपुर