बालपुर (गोंडा)। लगातार एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण नाले, छोटी नदियां व बड़े तालाबों में पानी भरने के साथ उसका पानी गांवों को घेरने लगा है। कठोला तालाब से निकले पानी से किसानों की 10 हजार बीघा फसल पूरी तरह से डूब गयी है। उपजिलाधिकारी करनैलगंज ने गांव पहुंचकर नाव की व्यवस्था कराई है। जिससे लोग अपना रोजमर्रा का काम करने के लिए घर से निकलते हैं।
बताते चलें कि ग्राम पंचायत बटोरा लोहांगी के पांच मजरे व कपूरपुर का एक मजरा पूरी तरह से पानी से घिर गया है। करीब 10 हजार बीघा फसल डूबकर नष्ट हो गयी है। समाज सेवी राम शंकर शुक्ल ने उपजिलाधिकारी ज्ञानचंद्र गुप्ता से शिकायत की। इसके बाद एसडीएम ने गांव पहुंचकर नाव की व्यवस्था कराई। जिससे गांव के लोग जरूरी सामान व पशुओं के चारे के लिए नाव से आते-जाते दिखे।
गांव के अमित मिश्र, विपिन मिश्र, मोहित मिश्र, आलोक मिश्र, आशुतोष मिश्र, सोनू शुक्ल, अमर सिंह, राम बाबू, ठाकुर प्रसाद, वीरेंद्र कुमार आदि लोग ने सरकार से मुआवजा दिलाने की मांग की है। क्षेत्रीय विधायक बावन सिंह ने बाढ़ पीड़ित गांवों का निरीक्षण किया और सरकार से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। कोटेदार का घर दूसरे मजरे विरतिहन पुरवा में है। 10-10 लोगों नाव से राशन लेकर आते दिखे। पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने गांव पहुंचकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने व बाढ़ क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।
नाव से आने-जाने को विवश लोग
नालों व तालाबों में आई बाढ़ से कठेला डीहा, विरतिहन पुरवा, रामशंकर पुरवा, बटोरा लोहांगी, वोटन पुरवा, मिश्र पुरवा पूरी तरह से घिर गए हैं। लोग अब नाव से आने-जाने को विवश हैं। गांवों में किसानों के खेत में लगी धान, मक्का सहित अन्य फसलें डूब गई हैं। ग्राम प्रधान रामकुमार मिश्र ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को हर प्रकार की मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।