गोंडा। परमिट शर्तों के उल्लंघन और ओवरलोडिंग के नाम वाहनों का फट से चालान काटने वाले परिवहन अधिकारियों के लिए जिले में धड़ल्ले दौड़ रही कामर्शियल बाइकें चुनौती बनी हुई हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो बीते तीन साल में देश और विदेश की नामी कंपनियों और आधा दर्जन ई-कॉमर्स साइटों ने परविहन विभाग को अब तक 10 लाख से अधिक का चूना लगाया है। बताया जा रहा है कि होम डिलीवरी के नाम कई नामी कंपनियां लाखों का टैक्स और परमिट का शुल्क हर महीने चोरी कर रही हैं।
29 नवंबर 2016 को परिवहन आयुक्त की ओर से बाइक टैक्सी के पंजीकरण संबंधी आदेश जारी किये गये थे। जिसमें चौपहिया और अन्य भारी वाहनों की ही तरह बाइकों का भी व्यावसायिक पंजीकरण किया जायेगा। इस योजना की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य कम पैसे में ही बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराना था। वहीं बाइक का कॉमर्शियल उपयोग करने वालों से परमिट और टैक्स के रूप में राजस्व की वसूली के आदेश दिये गये। लेकिन यहां जिले में बाइकों का प्राइवेट पंजीकरण कराकर उसका व्यावसायिक उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। नवंबर 2016 में हुए इस आदेश को आरटीए की बैठक में साल 2017 में मंजूरी दी गई थी। इसलिए बीते लगभग तीन साल हर साल टैक्स और परमिट फीस न भरकर प्राइवेट बाइकों के व्यावसायिक उपयोग से अब तक लगभग 10 लाख रुपये का चूना लग चुका है। तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन एक भी बाइक टैक्सी का पंजीकरण नहीं हुआ है।
100 से अधिक कॉमर्शियल बाइकें सड़क पर
ऑनलाइन बुकिंग के बाद खाने और अन्य सामनों की होम डिलीवरी कराने वाली कंपनियों के डिलीवरी ब्वॉय बाइकों से घरों तक डिलीवरी करते हैं। बताया जा रहा है कि नामी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के साथ ही कई ई-कामर्स साइटों के डिलीवरी ब्वॉय बाइकों से डिलीवरी के लिए दौड़ते हैं। इसकी लगभग 100 से अधिक बाइकें सड़क पर अवैध ढंग से चल रही हैं।
शहर के रेस्टोरेंट भी इसमें नहीं हैं पीछे
ऑनलाइन बुकिंग साइट ही नहीं यहां शहर के कई नामी रेस्टोरेंट भी होम डिलीवरी का दावा करते हैं। बाजारों में इसके लिए भी बड़े-बड़े बैनर पर फ्री होम डिलीवरी की स्कीम पेश की जाती है। इतना ही बाइक पर डिलीवरी बॉक्स बनाकर उसपर संबंधित रेस्टोरेंट और होटल का नाम भी लिखा रहता है। लेकिन इसके बावजूद परिवहन विभाग की ओर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
ये बाइक टैक्सी पंजीकरण का शुल्क
बाइक का पंजीकरण शुल्क 300 रुपये
तिमाही टैक्स 660 रुपये
परमिट फीस 2700 रुपये
बाइक टैक्सी का पंजीकरण अनिवार्य
किसी भी निजी वाहन का व्यावसायिक उपयोग करना नियम के खिलाफ है। बाइक को भी किसी कंपनी या प्रतिष्ठान की ओर से इस तरह से उपयोग में लाये जाने के लिए बाइक टैक्सी का पंजीकरण करवाना आवश्यक है। जिले में करीब सौ से अधिक बाइक टैक्सियां अवैध रूप से दौड़ रही हैं। ऐसे सभी वाहन को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर उनके खिलाफ सीज और चालान की कार्रवाई की जायेगी। -राजेश कुमार श्रीवास्तव, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन