पानी के उफान से घाघरा खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से तटबंध के साथ बाढ़ क्षेत्र के लिए खतरा बढ़ रहा है। शनिवार को घाघरा की कटान ने बांध को काटते हुए अपना रुख नकहरा गांव की ओर कर लिया। बांध व गांव के बीच बने मार्ग को काटकर बाढ़ का पानी एक बार फि र नकहरा गांव की ओर बहने लगा है। जिससे ग्रामीण चिंतित हैं। बांध का हिस्सा कटान की जद में है। जिसे रोकने के सारे प्रयास नाकाफी हैं।
शनिवार को घाघरा का जलस्तर बढने के साथ ही खतरे के निशान को छूने को बेताब रहा। खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष शुक्रवार की देर शाम को जलस्तर 105.826 था जो शनिवार की सुबह बढ़कर 105.906 पहुंच गया। घाघरा शाम तक बढ़त बनाते हुुए 105.956 पर पहुंच गई है।
लगातार घाघरा के जलस्तर में बढ़त से बांध के लिए खतरा बढ़ गया है। ग्राम नकहरा के सामने बांध में तेजी से कटान हो रही है। बांध के हिस्से को काट कर नदी ने अपना रुख नकहरा गांव की ओर करना शुरू कर दिया है। बांध से गांव तक आने वाले रास्ते को बांध के रुप में बनाया गया था उसमें भी घाघरा की कटान तेज हो गई है।
जिससे घाघरा का पानी नकहरा गांव में बहने लगा है। दूसरी ओर बांध के हिस्से में हो रही कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। कटान रोकने के सारे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। यदि बांध के कट-वन का हिस्सा करीब दस मीटर भी कटा तो घाघरा करनैलगंज तहसील के गांवों को प्रभावित करने में कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेगी, जबकि बांध के करीब 30 मीटर हिस्से में कटान तेज हो गई है।
बांध में कटान को देख ग्राम नकहरा व काशीपुर के ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों में रामसुख, नकछेद, बृजलाल, अनोखे, शिवप्रसाद आदि का कहना है कि अभी तक घाघरा का पानी बांध के कटे हुए हिस्से से घरकुंइया व प्रतापपुर होते हुए क्षेत्र में जाता था। अब नकहरा के सामने से मुख्य धारा दिखाई दे रही है। तटबंध के कटने की आशंका से प्रभावित गांवों के लोग दहशत में है, गांव वाले रात जागकर बिता रहे हैं।