उधर, थाना प्रभारी वागिश विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस को छत पर मृतक का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा था कि दोनों निर्दोष हैं... 'जो ऊपर बैठा है वह न्याय करेगा... अल्लाह भगवान।' पुलिस ने सुसाइड नोट और नायलॉन की रस्सी को साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया है।
एसओ ने बताया कि 13 अप्रैल की मारपीट के संबंध में थाने में कोई आधिकारिक तहरीर नहीं दी गई थी। विपक्षी की ओर से पहली बार शिकायती पत्र 22 अप्रैल को दिया गया था। मृतक राजाराम तीन भाइयों और तीन बहनों में पांचवें नंबर पर था। अन्य सभी भाई-बहनों की शादी हो चुकी थी, जबकि राजाराम अविवाहित था। घटना के वक्त उसके पिता रामअवध और मां फुलबसिया देवी घर के भीतर सो रहे थे, जबकि राजाराम छत पर अकेला था।
थानाध्यक्ष वागिश विक्रम सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट और मौके से मिले तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप कुमार, पूर्व प्रधान मुन्ना कनौजिया, समाजसेवी विक्की चौहान, जिला पंचायत सदस्य भरत कुमार, विश्वजीत कुमार और वीरेंद्र कुमार बागी ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और उचित जांच की मांग की है।