नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 128वें जन्मदिन के अवसर पर विशाल भारत संस्थान की ओर से आयोजित 5 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सुभाष महोत्सव के अंतिम दिन लंका मैदान के सभागार में अन्न महाकुंभ एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अन्न महाकुंभ का शुभारंभ संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीगुरुजी ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस मौके पर उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आईं महिलाओं को अन्न एवं कंबल देकर सम्मानित किया।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं डॉ. कवींद्र नारायण ने प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. डीपी सिंह एवं समाजसेवी संजीव गुप्ता को सम्मानित किया। उन्होंने नेताजी और गाजीपुर के रिश्ते को बताते हुए कहा कि जिले में उसिया के रहने वाले नजीर हुसैन आजाद हिंद फौज में थे। जब अंग्रेज उनको गिरफ्तार करके दिल्ली ले जा रहे थे और गाजीपुर से ट्रेन गुजरी, तो उन्होंने एक चिट्ठी लिखकर स्टेशन पर फेंक दिया। तब जाकर नजीर हुसैन के गांव वालों को पता चला कि वह जिंदा हैं। उनके ऊपर मुकदमा चला, वह लाल किले से छूटे, लेकिन ताजिंदगी नेताजी सुभाष का दामन नहीं छोड़ा। यही रिश्ता गाजीपुर और नेताजी सुभाष का था। करंडा के डॉ. रजनीश सिंह ने सुभाष मंदिर के लिए जमीन दान करने की घोषणा की। अब विश्व का दूसरा सुभाष मंदिर गाजीपुर में बनेगा। संस्थान का परिचय राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अर्चना भारतवंशी ने, संचालन युवा परिषद के प्रदेश प्रमुख विवेकानंद सिंह एवं धन्यवाद जिला प्रमुख नीलमणि सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर महंत अंजनी दास, ज्ञानप्रकाश, नौशाद अहमद, कुंअर मुहम्मद नसीम रजा सिकरवार, नाज़नीन अंसारी, डॉ. मृदुला जायसवाल, आभा भारतवंशी, रजनीश सिंह, मयंक श्रीवास्तव, अजीत सिंह, अजय सिंह आदि मौजूद थे।