आने वाले दिनों में जनपद में हरियाली छाएगी। इससे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को बल मिलेगा। इसकी वजह यह है कि आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में कुल 40 लाख 14 हजार 100 पौधों का रोपण होगा। विभिन्न प्रकार के पौधरोपण का कार्य होगा।
शासन की ओर से जिले में आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पौधरोपण का लक्ष्य तय कर दिया गया है। पौधरोपण की जिम्मेदारी वन विभाग समेत अन्य विभागों को दी गई है। सबसे अधिक पौधरोपण वन विभाग को करना है। वन विभाग की ओर से 9.50 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनपद में 41 लाख 50 हजार 152 पौधों का रोपण किया गया है। वहीं छायादार, फलदार और औषधि गुणों वाली पौधों का रोपण किया जाएगा। शासन की ओर से पत्र भेजकर पौधरोपण करने के साथ ही विभिन्न विभागों को निर्देश दिया गया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि पौधरोपण के साथ ही संबंधित पौधों का संरक्षण भी हो। इसके लिए रोपित करने के बाद समय-समय पर पौधों को पानी की व्यवस्था की जाएगी। पशुओं से पौधों को बचाने के लिए ट्री गार्ड की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया है।
ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग 1798000, राजस्व विभाग 150000, पंचायती राज 182000, कृषि विभाग 359000, उद्यान 221000, पर्यावरण 151000, नगर विकास 23000, रेशम 23000, उच्च शिक्षा 19000, लोक निर्माण 11000, सिंचाई 6000, स्वास्थ्य 10000, उद्योग 10000, सहकारिता 7980, पशु पालन 7000, रक्षा 4000, प्राविधिक शिक्षा 5000, ऊर्जा 5320, माध्यमिक शिक्षा 11000, बेसिक शिक्षा 18000, श्रम विभाग 3000, आवास विकास 5000, नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति 6000, रेलवे 12000, औद्योगिक 7000, गृह 7000, परिवहन विभाग को 2800 पौधरोपण करने का लक्ष्य मिला है।