गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म कराने की दोषी महिला को दस वर्ष के कारावास और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि से 75 प्रतिशत पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, सैदपुर कोतवाली के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने नंदगंज थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री ननिहाल गई थी। उसके पास के गांव का लड़का उसको भगा ले गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और विवेचना के दौरान पीड़िता को बरामद किया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराकर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में पीड़िता का बयान दर्ज हुआ। पीड़िता ने बयान में कहा कि 23 जून 2017 को वह नाराज होकर वाराणसी चली गई थी। वहां से एक ऑटो वाला एक महिला के घर ले गया। महिला निशा सिंह पत्नी धीरेंद्र सिंह निवासी कैंट है। पीड़िता ने बताया कि निशा सिंह तीन-चार लोगों को बुलाती थी और वे उससे दुष्कर्म करते थे। विवेचना अधिकारी ने विवेचना बादी निशा के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायालय में दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक ने आठ गवाहों को पेश किया। सभी ने बयान न्यायालय में दर्ज कराया और घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष को सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी निशा सिंह को जेल भेज दिया।