बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड मामले में बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की न्यायालय में चौथे गवाह का बयान दर्ज हुआ। इसमें गवाह अपने बयान से पलट गया। शेष साक्ष्य के लिए 22 नवंबर की तिथि नियत की गई है।
3 दिसंबर 1990 को सुबह 7:30 बजे सरफराज अंसारी सैदपुर थाना इलाके में नहर में निर्मित कार्य कर रहा था। तभी एक नीली मारुति कार से आरोपी त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह व बृजेश सिंह व दो अज्ञात राइफल लिये हुए लोग आ गए और पकड़कर मारने पीटने लगे। साथ ही सरफराज के बैग में रखे रुपये छीन लिए और दहशत पैदा करके मजदूरों को भगा दिए। इसके बाद साइट पर खड़ी ट्रक के टायर में गोली मार दी। साथ उसके सहयोगी को थप्पड़ मारकर भगा दिया। वादी की सूचना पर थाना सैदपुर में मुकदमा दर्ज हुआ था।