गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को मातारानी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की विधि-विधान से पूजा हुई। देवी मंदिर में शक्ति स्वरूपा के दर्शन को श्रद्धालु उमड़े।
शेरावाली के जयकारे से मंदिर परिसर गूंज उठे। प्रसिद्ध मां कामाख्या धाम में लंबी कतार में लगे लोग अपनी बारी की प्रतीक्षा करते दिखे। महंत आकाशराज तिवारी ने बताया कि करीब 5 हजार श्रद्धालुओं ने किसी ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की तो किसी ने मां के चरणों में अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं।
देवी के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा और पूरा वातावरण शक्ति भक्ति, श्रद्धा तथा आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। नवरात्र पर्व के मद्देनजर जिले के प्रमुख मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में दूसरा स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी का है, जो तप, संयम और साधना की साक्षात प्रतीक मानी जाती हैं। ‘ब्रह्म’का अर्थ तपस्या से है और ‘ब्रह्मचारिणी’अर्थात तप का आचरण करने वाली। यह स्वरूप साधक को आत्म संयम और धैर्य का संदेश देता है। दूसरे दिन घर-घर उनके स्वरूप का पूजन हुआ। श्रद्धालुओं ने घर में पूजन के बाद मंदिर में जाकर देवी माता की विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, पीरनगर स्थित काली मंदिर, गोराबाजार स्थित दुर्गा मंदिर, मालगोदाम रोड स्थित मां शीतला मंदिर, आमघाट स्थित शीतला माता मंदिर, नवाबगंज में शीतला मंदिर, कामाख्या धाम मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरु हो गया था।
मंगला आरती के बाद जयघोष के साथ दर्शन-पूजन का जो दौर आरंभ हुआ वह रात तक चलता रहा। मंदिर परिसर जयकारों से गुंजायमान हो गया।
कष्टहरणी भवानी। संवाद
कष्टहरणी भवानी। संवाद