फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: जर्जर भवनों से मिलेगा छुटकारा, डेढ़ करोड़ से बन रहे पांच अस्पताल

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। जिले के पांच जर्जर अस्पताल जल्द ही अपने नवीन भवन में संचालित होंगे। इसे लेकर डेढ़ करोड़ की लागत ने इन भवनों का कार्य शुरू भी किया जा चुका है। इसमें तीन का कार्य करीब 80 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
विज्ञापन

उधर, विभाग ने दूसरे चरण में जर्जर तीन अन्य अस्पतालों के नवीन भवन को लेकर प्रस्ताव शासन को भेजा गया। बारिश में जर्जर भवन के चलते इन अस्पतालों में मरीजों की संख्या का ग्राफ भी कम केवल हादसे के डर से हो जाता है।
जिले में आयुर्वेद चिकित्सा की दशा दयनीय है। कहने को तो 29 आयुर्वेदिक एवं छह यूनानी अस्पताल हैं लेकिन सुविधाएं न होने से मरीजों को इसका पूरा-पूरा लाभ नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन

हालात यह है कि आयुर्वेद के 11 अस्पतालों को छोड़कर सभी अस्पताल गुमनामी के बीच किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। नगर के पुरानी तहसील स्थित किराए के भवन में संचालित 30 बेड वाले आयुर्वेद अस्पताल में जगह का अभाव तो बना ही है बल्कि यहां न तो पर्याप्त चिकित्सक है न ही पर्याप्त संसाधन।
वहीं, इसमें घोसी तहसील का मझवारा, कोपागंज ब्लाक का कसारा, घोसी का ही अमिला अस्पताल के अलावा करमी और कमलसागर अस्पताल जो कि चार दशक से भी ज्यादा पुराने के चलते बेहद जर्जर हालात में हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सत्येद्र साहू ने बताया कि इन पांचों अस्पताल केे कायाकल्प के तहत पांचों अस्पताल में नवीन भवन का कार्य जारी है। बताया कि प्रत्येक अस्पताल के भवन को लेकर तीस-तीस लाख रूपया का बजट है। इसमें तीन अस्पताल अमिला, मझवारा, करमी में 80 फीसदी के करीब कार्य पूरा हो चुका है।
जबकि शेष कसारा, कमलसागर में छह माह के अंदर कार्य पूरा हो जाएगा। बताया कि इन अस्पतालों के अलावा घोसी, चितबसाव और अदरी यूनानी अस्पताल जो कि जर्जर हैं। नवीन भवन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें