जौनपुर का अतुल सुभाष प्रकरण बीते अभी कुछ ही दिन हुए हैं और ठीक वैसा ही मामला गाजीपुर में भी सामने आ गया था। बेटे का शव लेने 500 किमी दूर सीतापुर से आए मृत शिक्षक कोविद के पिता ने कुछ ऐसी ही कहानी बयां की थी।
सहायक अध्यापक मर्डर केस में रविवार को पुलिस ने लार्ड कार्नवालिस थाना कोतवाली से आरोपी पत्नी लक्ष्मी और उसकी मां राजमती रानी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया।
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सीतापुर के डीह, पुरवा सकरन निवासी चंद्रिका प्रसाद के बेटे कोविद (42) सहायक अध्यापक थे और वह एक पैर से दिव्यांग थे। चंद्रिका के मुताबिक लखनऊ में रहने वाले फौज से रिटायर्ड उनके एक परिचित ने लक्ष्मी के परिवार के बारे बताया था। उन्होंने कहा कि चार बहन और तीन भाई हैं। पिता मजदूरी करता है। पूरा परिवार कांशीराम गरीब शहरी आवास योजना आदर्श बाजार में रहता है। वह सेवाभाव करेगी और एक गरीब परिवार की मदद भी हो जाएगी।
उन्होंने बेटे की शादी 18 जनवरी 2023 को लक्ष्मी कुशवाहा के साथ करा दी लेकिन बहू लक्ष्मी और सास रामजती रानी की निगाह कोविद के वेतन पर लग गई। वे चाहत रखने लगीं कि कोविद अपने परिवार को छोड़ दे और वेतन पत्नी व सास को दे दे। कुछ दिनों बाद ही कोविद इस बात को समझ गए।
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उन्होंने पत्नी और सास को बहुत समझाया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। मां-बेटी ने कई बार उन्हें अपमानित किया। आरोप है कि गाजीपुर में फर्जी केस भी दर्ज कराया।