सादात। स्थानीय ब्लाक अंतर्गत स्थित डा. एस नाथ इंटर कालेज मरदापुर के परिसर में मंगलवार को क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों को 200 गिलोय (गुरूच-अमृता) के पौधों का वितरण किया गया।
पौधों का वितरण करते हुए मुख्य अतिथि एवं समता महाविद्यालय सादात के प्रबंधक सभाजीत सिंह ने कहा कि प्रकृति ने हमारे आसपास ऐसे पौधों एवं वनस्पतियों को दिया है जिसका सेवन करके हम लोग अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर किसी भी बीमारी से बचाव कर सकते हैं। उन्हीं वनस्पतियों में से एक गिलोय भी है। प्रतिदिन गिलोय का काढ़ा और जूस का सेवन करके वर्तमान में कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित गिलोय मिशन के सादात ब्लाक के सह को-आर्डिनेटर रामअवतार यादव ने गिलोय का पौधा लेने आए किसानों एवं ग्रामीणों को इसको लगाने और सेवन करने की विधि से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एंटी आक्सीडेंट गुण के कारण गिलोय के सेवन से मोटापा, हृदयरोग, मधुमेह, नेत्र विकार, त्वचा रोग और रक्त की कमी दूर होती है। इसलिए मानव जीवन के लिए यह वास्तव में अमृत है। गिलोय मिशन के जन संपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि ब्लाक के प्रत्येक गांव के ग्राम प्रधान से संपर्क करके गिलोय का अधिक से अधिक पौधरोपण कराने का प्रयास किया जा रहा है। मिशन के सुपरवाइजर प्रद्युम्न राय ने कहा कि गिलोय का पौध नीम के पेड़ के पास लगाना ज्यादा लाभकारी है। हमारा प्रयास है कि जितनी नीम है उतने गिलोय के पौधे लगाए जाएं। पूर्व प्राचार्य डा. कमलेश यादव ने कहा कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए आज हर कोई चारो तरफ गिलोय की पत्ती, पौधा और उसकी जड़ एवं तना ढूंढता फिर रहा है। इसका काढ़ा काफी लाभकारी सिद्ध हो रहा है। इससे ढेर सारे फायदे हैं। कार्यक्रम के संयोजक सुदामा राम विश्वकर्मा और उनके सहयोगी शैलेश शर्मा ने बताया कि हम लोगों ने प्रयास करके लगभग दो हजार गिलोय पौधे की नर्सरी तैयार की है। इनमें से लगभग एक हजार पौधों का वितरण किया जा चुका है। शेष का वितरण प्रतिदिन किया जा रहा है। पौध लेने वालों में राजेंद्र राजभर, कांता प्रसाद राजभर, अजय राय, आशिक अली, अमृतेश, प्रदीप यादव, संजय, मुरारी प्रजापति आदि उपस्थित थे।