राज्य महिला आयोग की सदस्य मिनाक्षी व्यास ने कहा कि किसी भी महिला का उत्पीड़न हुआ तो दोषी व्यक्ति की खैर नहीं। उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। बुधवार को उन्होंने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह में
उत्पीड़ित महिलाओं का दर्द सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न की रोकथाम तथा उनकी समस्याओं के निदान के लिए शासन स्तर पर गंभीरता दिखाई जा रही है।
सुनवाई के दौरान दो महिलाओं का मामले सामने आया। विकास खंड मुहम्मदाबाद के ग्राम राजापुर निवासिनी निर्मला यादव पत्नी रामव्यास यादव ने अपनी समस्या रखी। इस पर व्यास ने पुलिस अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने
का निर्देश दिया। करीमुद्दीनपुर के सोनवानी की गायत्री देवी पत्नी त्रिलोकी वर्मा ने छेड़खानी व मारपीट की शिकायत की। इस पर उन्होंने एसपी सिटी लल्लन राय को प्रकरण में प्रथम सूचना दर्ज कराने का निर्देश दिया। मिनाक्षी व्यास
ने कहा कि पुलिस उत्पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का समाधान करे। जनपद में महिला उत्पीड़न का कोई प्रकरण आता है तो सीधे महिला आयोग के सदस्य को उपलब्ध कराया जाए ताकि इस पर त्वरित कार्यवाही कराई जा सके।
उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या के संबन्ध में जिला सलाहकार समिति से जानकारी मांगी। इसके अलावा उन्होंने जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया और रोगियों के साथ मानवीय व्यवहार के मामलों में उनकी समस्याओं को
निस्तारित करने का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा एमपी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डा. विनीता जायसवाल व अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
राज्य महिला आयोग की सदस्य मिनाक्षी व्यास ने बुधवार को जिला जेल के महिला बैरक का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला बंदियों से उनकी समस्याएं पूछीं। उनसे भोजन के बारे में भी पूछताछ की। इस दौरान जेलर एसपी त्रिपाठी ने
उन्हें बताया कि महिला बंदियों को सिलाई, कढ़ाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे रिहा होने के बाद आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बजट के अभाव में पाकशाला का निर्माण न होने, जर्जर महिला बैरक की मरम्मत और बंदियों के
लिए कंबल की कमी होने की बात बताई। इस दौरान श्रीमती व्यास ने समस्याओं को दूर करने के लिए शासन से बात करने का आश्वासन दिया। इस दौरान जेलर एसपी त्रिपाठी, डिप्टी जेलर ओंकार पांडेय, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।