पिछले कुछ दिनों से मौसम का तेवर फिर तल्ख हो गया है। दिन में तेज धूप और पुरवा हवा ने लोगों को हलाकान कर दिया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। छुट्टी के बाद स्कूल से लौटने पर उनके चेहरे की रंगत गायब हो जा रही है।
गर्मी का यह हाल है कि लोगों को एक पल के लिए भी चैन नहीं मिल पा रहा है। घर के बाहर की कौन कहे, अंदर भी गर्मी की बेचैनी लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही है। इससे राहत पाने के लिए लोग कूलर, पंखों का सहारा ले रहे हैं। बावजूद इसके तेज गर्मी से बचाव के ये साधन काम नहीं आ रहे हैं। हवा से शरीर को तो कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन मन की बेचैनी शांत नहीं हो पा रही है। कुछ दिनों पहले धूप-छांव का खेल चल रहा था। इस दौरान बारिश भी हुई, लेकिन वह गर्मी से राहत देने के लिए नाकाफी थी।
इससे उमस और बढ़ गई। मंगलवार को तो मौसम का तेवर काफी तल्ख था। सुबह से ही तेज धूप लोगों को अपनी ताकत का एहसास कराने लगी। धूप में थोड़ी देर रहने पर भी शरीर पसीने से तर-बतर हो जा रहा था। तेज धूप एवं भीषण गर्मी के इस मौसम में स्कूल खुले रहने से बच्चों को दुश्वारियां हो रही हैं।
छुट्टी होने पर स्कूल से घर लौटना उनके लिए काफी तकलीफदेह साबित हो रहा है। सिर ढंका रहने के बाद भी उनके चेहरे मुरझा जा रहे हैं। तेज धूप की वजह से कई प्रमुख बाजारों में दिन में नाममात्र के लोग दिखाई पड़े। कुछ इसी तरह की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की भी रही। चट्टी-चौराहों पर गिनती के लोग दिखाई पड़े।