हिंदी दिवस पर जिले के स्कूल और कालेजों में सोमवार को आयोजित गोष्ठियों में हिंदी की समृद्धि का संकल्प लिया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए इसकी उपयोगिता पर बल दिया। वक्ताओं न कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि लोग अपनी ही मातृ भाषा को भूलते जा रहे हैं।
स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित गोष्ठी में डा. समर बहादुर सिंह ने कहा कि राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलने के लिए सभी परिस्थितियां हिंदी के अनुकूल हैं। इस मौके पर धर्मनारायण मिश्र, राजनारायण सिंह, विनय कुमार दुबे, मोहित श्रीवास्तव, सुनील कुमार शाही, डा. राहुल, डा. संजय चतुर्वेदी, कुलदीप पांडेय, शिप्रा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। वेलफेयर क्लब की ओर से राधिका देवी इंटर कालेज गोराबाजार में गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रवक्ता डा. नरनारायण राय ने अपने विचार रखे।
इस मौके पर डा. शरद वर्मा, नागेंद्र कुशवाहा, पवन पांडेय, चंद्रिका प्रसाद मौजूद रहे। राजकीय महिला महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर काव्यपाठ और गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान प्राचार्य केके तिवारी विचार रखे। इस मौके पर डा. अजय मिश्र, संजय गुप्ता मौजूद रहे। छात्राओं ने काव्य पाठ किया। साहित्य चेतना समाज की ओर से नगर के नागेश्वरनाथ मंदिर परिसर में गोष्ठी हुई। डा. रामप्रकाश कुशवाहा ने कहा कि हिंदी भाषा में जाती पूर्वाग्रह नहीं है। इस दौरान हिंदी को और समृद्ध बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान व्यासमुनि राय, डा. शिखा तिवारी, डा. विमला मौजूद रहे।
नन्दगंज : रेनबो माडर्न स्कूल में हिन्दी के महत्व एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। अध्यापिका अंजली सिंह ने छात्र-छात्राओं से हिन्दी को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जखनियां : रामाश्रय दास पीजी कालेज भुड़कुडा में आयोजित गोष्ठी में डॉ. प्रभाकर सिंह ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है लोग आज अपनी मातृभाषा को भूलते जा रहे हैं। इस मौके पर डॉ. अशोक सिंह, डॉ. हरिकेश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, डॉ. संतोष मिश्रा मौजूद रहे। उधर, एमडी लिटिल फ्लावर आमघाट में निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। मुख्य अतिथि मल्टी प्वांइट सोशल वेलफेयर के अध्यक्ष महेंद्र कुशवाहा, नरेंद्र कुशवाहा, शिवमोहन मौजूद रहीं।
जमानियां : एसएस देव पब्लिक स्कूल के परिसर में हिन्दी दिवस रंगा रंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के प्रबंधक सुभाष चन्द कुशवाहा, विजय कुमार, संगीता तिवारी, शशिबाला, रूप रेखा आदि मौजूद थे।