नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल और ईओ जेपी यादव के बीच ठन गई है। अध्यक्ष ने सोमवार को सभासदों के साथ जिलाधिकारी से मुलाकात कर ईओ की शिकायत की। कहा कि वह विकास कार्यों में अवरोध पैदा कर रहे हैं। जबकि ईओ ने अध्यक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) जेपी यादव को नोटिस दिया था। इसमें उन्होंने ईओ पर 31 अगस्त को हुई बैठक में आमंत्रित निर्माण निविदा में व्यवधान डालने का आरोप लगाया है। कहा है कि निविदा प्रकाशन पर ईओ ने हस्ताक्षर नहीं किया। साथ ही एडीएम से छुट्टी लेकर नगर पालिका में कोई व्यवस्था बनाए बगैर दो दिन की छुट्टी पर चले गए। इसके चलते निविदा का कार्य प्रभावित हुआ। ऐसे में कर अधीक्षक को अधिशासी अधिकारी के वित्तीय कार्य को छोड़ कर अन्य सभी कार्य नियमानुसार कार्य लेने के लिए नगर पालिका की ओर से लिखा गया।
इस संबंध नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल सोमवार को जिलाधिकारी से मिले और उन्हें इस प्रकरण से अवगत कराया। अध्यक्ष का कहना है कि मामले में डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद निविदा निकाली जाएगी। निविदा को सुरक्षित कर लिया गया है। अध्यक्ष ने कहा कि ईओ किसी के दबाव में कार्य कर रहे हैं।
उधर, ईओ जेपी यादव का कहना है हमने बोर्ड का हमेशा सम्मान किया है। रही बात छुट्टी की तो वह पिता के इलाज के लिए अवकाश पर गए थे। इसी बीच टेंडर विज्ञापन निकाल दिया गया। वह जिलाधिकारी के आदेशों का पालन करेंगे। वह हमेशा विकास के पक्ष में रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।