औड़िहार के वाराह घाट पर गंगा का जलस्तर कम होने के बाद पानी खेलते बच्चें। संवाद
गाजीपुर। गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन निचले इलाकों में बाढ़ का पानी अभी भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। तटवर्ती गांवों के रास्तों और खेतों में पानी पसरा होने से किसानों और पशुपालकों की परेशानी बरकरार है। वहीं 19 गांवों के 1140 लोग बाढ़ प्रभावित हैं। उन्हें राहत सामग्री मिलने का इंतजार है।
रविवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 63.180 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रहा था।
पानी में चरी डूबने से पशुपालकों के सामने चारे का संकट है, जबकि खेत जलमग्न होने से किसान मायूस हैं। रेवतीपुर-कामाख्या धाम बाइपास पर पानी भरा होने से आवागमन बंद है। नगदीलपुर, हसनपुरा और वीरुपुर की गलियों में पानी के बीच ग्रामीण जरूरी कामकाज के लिए आने-जाने को मजबूर हैं।
औड़िहार में वाराह घाट जाने वाले मार्ग पर करीब 100 मीटर तक एक से डेढ़ फीट पानी है। घाट का चेजिंग रूम और शिव-पार्वती मंदिर भी जलमग्न है। किसानों की सब्जियां डूबने से सूख चुकी हैं।
औड़िहार के वाराह घाट पर गंगा का जलस्तर कम होने के बाद पानी खेलते बच्चें। संवाद