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जलनिकासी न होने से घरों में घुसा पानी

Wed, 27 Jul 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
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शहर में पानी निकासी की व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। इससे नगरपालिका की बरसात के पहले किये गए इंतजामों की पोल खुल गई है। बदइंतजामी का आलम यह है कि कई मोहल्लों में बारिश की वजह से कई दिनों से पानी जमा है। जमलापुर मोहल्ले में जलभराव से अब तक दर्जनों रिहायशी मकान जमींदोज हो चुके हैं। यहां 40 से अधिक मकान पानी से घिरे हुए हैं। कई मोहल्लों में ऊंचाई पर स्थित मकान ही सुरक्षित है। जबकि अन्य घरों में पानी घुसा हुआ है। सकलेनाबाद, गौतमबुद्ध कालोनी, अफिम फैक्ट्री कालोनी सहित अन्य कई मोहल्लों का भी हाल कुछ ऐसा ही है। पिछले कई सालों से इन मोहल्लों में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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शहर के सकलेनाबाद मोहल्ला में नाला जाम होने से पिछले कई दिनों से कई लोगों के घरों में पानी भरा हुआ है। इसकी वजह लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। न वह चैन से खाना खा पा रहे हैं और न ही पानी में विषैले जंतुओं के आने की आशंका से चैन की नींद सो पा रहे हैं। मोहल्ले के प्रेममोहन श्रीवास्तव, विपिन  सिंह, प्रवीण कुमार, आशीष सिंह के मकान सहित जनसेवा विद्यापीठ में पिछले तीन दिनों से पानी लगा हुआ है। जल-जमाव से परेशान लोगों ने बताया कि नाला जाम होने की वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है। बार-बार नगरपालिका  अध्यक्ष को समस्या से अवगत कराने के बाद भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिससे नारकीय जीवन जीने को विवश होना पड़ रहा है।
सबसे अधिक दुर्दशा जमलापुर मोहल्ले के लोग झेलने को विवश हैं। यहां बारिश में अब तक दर्जन भर से अधिक रिहायशी मकान भी गिर चुके हैं। वर्तमान समय में भी यहां बरसात का पानी एक पखवारे से जमा हुआ है। दो दर्जन से अधिक घरों में पानी घुसने से लोग परेशानी में हैं। मोहल्ले में जनरेटर लगाकर पानी निकाला जा रहा है। इस मोहल्ले के श्याम बिहारी चौबे, राजकुमार कुशवाहा, कन्हैयालाल, फिरोज अनवर, खुर्शीद अहमद, भरत कुशवाहा, हीरा कुशवाहा आदि के मकान में पानी घुसा हुआ है। कई मकान पानी से घिरे होने के कारण कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। यही हाल नगर के गौतमबुद्ध कालोनी, अफिम फैक्ट्री कालोनी सहित अन्य मोहल्लों की है। यहां रहने वाले दर्जनों लोग बरसात में तिल-तिल कर मरने को मजबूर हैं। आलम यह है कि इन मोहल्लों में सैकड़ों परिवार के बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद हैं।
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