गंगा में आई बाढ़ ने एक तरफ जहां हजारों को लोगों को घर-बार छोड़कर इधर-उधर जाने को विवश कर दिया, वहां गंगा किनारे के गांव में स्थित खेतों में हरियाली की जगह पतित पावनी के हिलोरे दिखाई दे रही है। सुहवल, जमानिया, बारा, गहमर, रेवतीपुर, मेदिनीपुर, कुर्था, तैजपुरा, बयेपुर देवकली, सोनकी, मैनपुर, ब्राह्मणपुरा, कुचौरा, हुसैनपुर, आदर्श गांव, सकरा, ताड़ीघाट, मेदिनीपुर, कालूपुर, पटकनिया, डेढ़गांवा, गौरा, पकड़ी, तिलवा, रामपुर, गुरुआमकसूदपुर, सरैया, सोकनी, बयेपुर देवकली, पिपरा, भगीरथपुर, मलसा, बैरनपुर, देवरिया, ताजपुर, मतसा, रामपुरमांझा, सेमरा, शिवरायपुर, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, बलुआ, वीरपुर सहित गंगा के किनारे सहित इससे दूरी पर स्थित सैकड़ों गांव के खेत गंगा के पानी से घिरने से लाखों रुपये की फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है।
जमानिया संवाददाता के अनुसार बाढ़ के पानी से लगभग 16835 हेक्टर भूमि प्रभावित हुई है, जिसमें से कृषि योग्य भूमि 10496 हेक्टर हैं। किसानो द्वारा लगाई गई फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है।
। एनडीआरएफ की टीम ने सोमवार को देवरिया बाढ़, चितावनपट्टी, मतसा, सब्बलपुर आदि गांव का दौरा दिया।
टीम के सदस्य अलग-अलग छह मोटर बोट में सवार थे। टीम के सदस्य बाढ़ के पानी से घिरे मकानों के पास पहुंचते रहे और उसमें मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते रहे। इस दौरान कई बाढ़ पीड़ित मकानों से निकलाने के लिए ना-नूकुर करते रहे। बावजूद इसके टीम सदस्य पानी और बढ़ने तथा इससे खतरा उत्पन्न होने की बात कहकर लोगों को निकालने में जुटे रहे। एनडीआरएफ के कमांडेंट कौशलेश राय ने बताया कि टीम में 55 सदस्य शामिल हैं।
ये लोग गंगा के बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे है। बाढ़ के पानी से घिरे तीन सौ लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस कार्य के लिए छह मोटरबोट लगाए गए है। वहीं एनडीआरएफ के डीआईजी आरके राणा ने बाढ़ की स्थिति से डीजी ओपी सिंह को अवगत कराया है। उनके निर्देश्ा पर ओडिशा से एनडीआरएफ की छह टीमें हवाई जहाज से बुलाए गए हैं। जाे मंगलवार सुबह तक पहुंच जाएंगे। इससे राहत और बचाव कार्य में तेजी आ जाएगी।