जंगीपुर कांड में दो माह से जिला जेल में गैंगेस्टर में निरुद्ध पूर्व छात्रनेता विवेकानंद पांडेय समेत नौ लोगों को गुरुवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। एक अन्य आरोपी की भी जमानत हुई है जिसे शुक्रवार को रिहा किया जाएगा।
जेल से निकलते ही गेट पर मौजूद दर्जनों समर्थकों ने छात्रनेता समेत रिहा हुए सभी आरोपियों को फूलमालाओं से लाद दिया। पत्रकारों से बातचीत में विवेकानंद पांडेय ने कहा कि जंगीपुर की घटना एक मंत्री के इशारे पर हुई।
फिलहाल अभी वह मनिहारी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही अपनी मां का चुनाव प्रचार करेंगे। यह भी कहा कि इस चुनाव में एक मंत्री को जनता जवाब देगी।
जंगीपुर के लावा मोड़ पर बिजली, सड़क आदि समस्याओं को लेकर अनशन पर बैठे छात्रनेता विवेकानंद पांडेय और शिक्षक ओमप्रकाश सिंह पर अनशन खत्म करने का न सिर्फ दबाव बनाया गया बल्कि स्वतंत्रता दिवस के दिन
आंदोलनकारियों पर लाठियां बरसाई गई थीं। मामले में विवेकानंद पांडेय एवं शिक्षक नेता ओमप्रकाश सिंह सहित दर्जनों लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाई थी। इससे विरोध में ग्रामीणों ने भी पुलिस पर पथराव किया। इस मामले में 52
लोगों को पकड़कर पुलिस थाने लाई थी। बाद में पुलिस ने 18 लोगों को दोष सिद्ध न होने पर छोड़ दिया था। शेष बचे 32 लोगों को जिला जेल भेज दिया गया था। इस मामले में गैंगेस्टर में निरुद्ध किए जाने के कारण पूर्व छात्र नेता
विवेकानंद पांडेय समेत 10 लोगों को जमानत नहीं मिली थी। गुरुवार को जमानत मिलने पर विवेकानंद पांडेय, अप्पू कुशवाहा, मुख्तार राम, संतोष राम, संतोष मिश्रा, गोविंद कुमार, अनमोल गुप्ता, वसीम राईनी तथा इम्तीयाज को रिहा
कर दिया गया। एक अन्य आरोपी इमरान की भी जमानत हो गई है जिसे 16 अक्तूबर को रिहा किया जाएगा।