क्षेत्र के सुलेमापुर गांव में स्थित सरकारी देशी शराब की दूकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शराब की दूकान पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का धरना सुबह आठ बजे से दो बजे तक चला। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया।
सुलेमापुर में दलित बस्ती के पास एक साल पहले देशी शराब की दूकान खोली गई थी। उस दौरान भी ग्रामीणों ने विरोध किया था लेकिन सुनवाई नहीं हुई। यहां दूकान होने की वजह से बस्ती के लोगों को शराब की लत लग रही है। इसको लेकर परेशान गांव की महिलाओं और पुरुषों ने सोमवार की सुबह आठ बजे लामबंद होकर शराब की दूकान पर धरना प्रदर्शन किया। गांव की लालता देवी और रिंकू यादव ने बताया कि एक साल पहले स्थापित शराब दूकान अब मुसीबत बन गई है। यहां जुटने वाले शराबी बच्चियों, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसकी जानकारी होने पर मरदह थाना प्रभारी विजय कुमार यादव मौके पर पहुंचे।
उन्होंने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ग्रामीणों का पत्रक लिया और उनकी बात को प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने समझा कर ग्रामीणों को शांत कराया। धरना प्रदर्शन में ग्राम प्रधान वशिष्ठ शर्मा, डॉ. राणविजय राजभर, रामनारायण यादव, फिरंगी, रामनवल, राधेश्याम, सीताराम, उषा, समराजी, धुरिया, मुनिया, रमावती, इंदिरा, प्रमिला, शीला, लालती, सरोज, रीता, मीरा, शारदा, रेखा, पूजा, चनवती कुमारी, जीया, साधू, मधू आदि मौजूद रहीं।