दुबिहां। बाराचवर विकास खंड के पैकवली ग्रामसभा की पोखरे पर फिर अतिक्रमण शुरू कर दिया गया है। कुछ समय पहले न्यायालय की लंबी लड़ाई के बाद इसे खाली कराया गया था। तब कोर्ट के निर्देश पर जिलाधकारी ने इसे खाली कराया था। इस पर दोबारा अतिक्रमण की शुरुआत होने से लोगों में रोष व्याप्त है।
सरकारी भींटा की जमीन पर गांव के ही लोग बाउंड्री कराकर नाद, चरन, टीनशेड, छप्पर आदि डालकर कब्जा कर रह रहे हैं। ग्रामीणों ने जमीन को खाली कराने के लिए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दाखिल किया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी को अवैध रूप से कब्जा की जमीन को खाली कराने का निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सक्रिय होकर उप जिलाधिकारी मुहम्मदाबाद तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक सहित क्षेत्रीय लेखपाल तथा सुरक्षा के लिए क्षेत्राधिकारी सहित थानाध्यक्ष करीमुद्दीनपुर टीम समेत मौजूद होकर अवैध कब्जा वाली जमीन को खाली कराया था। अब ग्रामीणों ने एक बार फिर उपजिलाधिकारी के यहाँ आवेदन दिया कि पोखरे के भींटा वाली जमीन को खाली कराया गया था। जिस पर वही लोगों की ओर से पुन: कब्जा करने की बात कही गई है और खाली कराने की मांग की गई है।
-पोखरी पर कब्जा करना उचित नहीं है। जब लोगों को पता ही है कि सरकार की जमीन है और वह कभी भी खाली करा लेगी तो इस तरह की मानसिकता को बदल देना चाहिए।- धर्मेंद कुमार।
-सरकारी संपत्तियों पर अपना हक जमाना नाजायज है आज विकास का दौर चल रहा है ऐसे में अवैध अतिक्रमण करना लोगों को भारी पड़ जा रहा है।- हरिश्चंद्र।
-किसी भी सार्वजनिक स्थलों पर अपना अधिकार नहीं जमाना चाहिए। पोखरे , तालाब गांव की सुंदरता और
में चार चांद लगाते हैं। इन्हें गंदा नहीं किया जाना चाहिए।- सुरेंद्र राजभर।
-प्रशासनिक अधिकारियों को भी चाहिए कि वह समय-समय पर सार्वजनिक पोखरे तालाबों की पैमाइश करते रहें ताकि लोग उन पर अतिक्रमण करने की बात सोच ही न सके।- राजेश सिंह