गाजीपुर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को आनलाइन वेबिनार कार्यशाला के माध्यम से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जानकारी देेेेने का क्रम लगातार चौथेे दिन भी जारी रहा। शनिवार को राजकीय सिटी इंटर कालेज के सभागार में आयोजित कार्यशाला में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ऽस्कूल लेवल पर वोकेशनल स्टडीऽ पर फोकस किया गया है। दिव्यांग बच्चों को संसाधन उपलब्ध कराकर और प्रशिक्षण प्रदान करके पूर्व प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक भाग लेने में उन्हें सक्षम बनाने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के विकास के लिए जिला और प्रदेश स्तर पर विशेष बोर्डिगिं स्कूल के रूप में ऽबाल भवनऽ स्थापित करने की व्यवस्था दी गई है। नई शिक्षा नीति के तहत दिव्यांगों को सशक्त और सक्षम बनाने के लिए ऽक्रास विकलांगता का प्रशिक्षणऽ दिया जाएगा। आवश्यकता अनुसार उन्हें उपकरण और उपस्कर उपलब्ध कराकर शिक्षा की मुुुुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अब स्कूलों में पहले जैसा स्ट्रीम सिस्टम नहीं होगा। इसका आशय यह है कि अब कोई छात्र फिजिक्स के साथ इतिहास पढ़ना चाहता है तो पढ़ सकता है। सेकेंड्री शिक्षा ऽमल्टीपल डिसीप्लिनरी च्वाइसऽ पर आधारित होगी। अब ऽसब्जेक्ट स्ट्रीम सिस्टमऽ नहीं रहेगा। छात्र को कक्षा नौ से ही विषयों के चयन की छूट रहेगी। राजकीय हाईस्कूल सौरी के प्रधानाचार्य रामअवतार यादव ने नई शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा के लिए दिए गए प्राविधानों का उल्लेख किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका और उनको सौंपी जाने वाली नई जिम्मेदारी से संबंधित जानकारी प्रदान की। सहायक अध्यापक कृपाशंकर तिवारी ने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के प्राविधानों की विस्तृत जानकारी दी। कालेज के प्रधानाचार्य हरेंद्र कुमार ने नई शिक्षा नीति के संबंध में तकनीक शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख किया। शिक्षक अविनाश कुमार ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।