गाजीपुर। दिल्ली-हावड़ा रेलखंड पर स्थित दिलदारनगर जंक्शन जनपद का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। इसको आधुनिक बनाने के लिए 2023 में अमृत भारत स्टेशन के तहत इसका चयन किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह अगस्त 2023 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इस परियोजना का शिलान्यास किया था। वर्तमान में 21.16 करोड़ रुपये की धनराशि से विकास कार्य निर्माणाधीन हैं। इस साल अप्रैल तक सभी विकास कार्यों को पूरा कर लेना था। दो महीने का समय बीतने जा रहे हैं, लेकिन अभी दिलदारनगर जंक्शन को विकास के अमृत बरसने का इंतजार है।
रेलवे प्रशासन का दावा है कि अब तक 93 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं। लेकिन, दिलदारनगर जंक्शन को देखने के बाद पता चलता है कि अब तक 77 प्रतिशत से अधिक का कार्य नहीं हुआ है। अभी तक तो दिलदारनगर जंक्शन के प्रवेश द्वार के सुंदरीकरण का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। प्रोजेक्ट पूरा होने में अभी भी दो से तीन महीने का समय लगेगा। जब से दिलदारनगर जंक्शन पर विकास कार्य शुरू हुआ, तब से यात्री दुश्वारियां झेल रहे हैं। तीन वर्षों से जंक्शन पर यात्री सुविधाएं पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गई हैं। अधूरे विकास कार्यों व आपाधापी में ट्रेनों के पकड़ने के कारण हादसे की भी आशंका बनी रहती है। दिल्ली-हावड़ा का मुख्य रेलखंड होने व जंक्शन के कारण यहां पर यात्रियों व ट्रेनों का दबाव अधिक देखने को मिलता है। लेकिन, मनमाने तौर व धीमी गति से विकास कार्य का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
ये कार्य हैं प्रस्तावित
अमृत भारत स्टेशन के तहत जंक्शन के पीछे 39×17 मीटर का नया भवन, नए भवन तक पहुंचने के लिए साढ़े सात मीटर चौड़ी सीसी सड़क, भवन में हाल सहित दो मंजिला छत, लिफ्ट रूम, सीढ़ियां, चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के लिए लगभग 300 मीटर क्षेत्र में पार्किंग की व्यवस्था होनी तय है। साथ ही 500 मीटर लंबा ड्रेन और 12 हजार लीटर क्षमता की पानी टंकी का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। प्रथम तल पर चार कमरों संग, वेटिंग हॉल, आरपीएफ थाना, पैनल रूम व रसोई घर की व्यवस्था रहेगी। निचले तल पर नया आरक्षण और अनारक्षित टिकट काउंटर बनाया जाना तय है। इसमें एक आरक्षण, चार अनारक्षित तथा एक दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष काउंटर होगा।
ये कार्य अधूरे
500 मीटर लंबा ड्रेन, 12 हजार लीटर क्षमता की पानी टंकी, नए भवन के मुख्य द्वार के सामने 15 मीटर ऊंचा तिरंगा झंडा लगाने के साथ ही लिफ्ट रूम, प्लेटफॉर्म का विस्तारीकरण, पेयजल बूथ पर टोटी लगाने, रेलवे पार्किंग एरिया आदि का कार्य अधूरा है। इससे यात्रियों को प्रतिदिन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक नजर में
- वर्ष 1862 में ब्रिटिश सरकार द्वारा स्थापना
- प्रतिदिन औसतन 14 हजार यात्री करते हैं यात्रा
-दिलदारन जंक्शन से रेलवे को प्रतिदिन 5.50 लाख प्राप्त होता है राजस्व
- आसपास के करीब 27 गांवों के लोग यात्रा करने के लिए हैं निर्भर
जिला मुख्यालय से भी जाते हैं लोग
दिलदारनगर जंक्शन इतना अहम है कि कई ट्रेनों को पकड़ने के लिए जिला मुख्यालय से भी लोग इस जंक्शन का रुख करते हैं। दिलदारनगर जंक्शन से 9 पैसेंजर सहित 25 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं, जो प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी, भागलपुर, मुंबई, लखनऊ, सुल्तानपुर, रायबरेली, लुधियाना, अमृतसर, मुरादाबाद, हरिद्वार, सतना, इटारसी, हावड़ा, पटना, नई दिल्ली, गोवाहाटी, इस्लामपुर ,मगध आदि रूटों पर चलती हैं।
जंक्शन पर प्रस्तावित विकास कार्यों की रफ्तार काफी धीमी है। इसका खामियाजा यात्री भुगत रहे हैं। इसमें तेजी लाने की जरूरत है।- अजय ओझा, दिलदारनगर
जंक्शन पर पूरी तरह से अव्यवस्था है। पेयजल बूथ पर अभी तक टोटियों को नहीं लगाया गया है। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। -मोहम्मद मेराज राईन, उसिया
प्लेटफॉर्म तीन पर प्लेटफॉर्म क्षतिग्रस्त है। ट्रेनों के आने पर यात्रियों में उतरने व चढ़ने को लेकर आपाधापी मच जाती है। ऐसे में हादसा होने की संभावना है। - छोटे गुप्ता, दिलदारनगर
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अमृत भारत स्टेशन के तहत चयनित दिलदारनगर जंक्शन पर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही विकास कार्य पूरे हो जाएंगे। इसके बाद जंक्शन नए लुक में नजर आएगा। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से पेयजल संबंधित कार्य पहले पूरा करने के लिए कहा जाएगा।- सरस्वती चंद्र, जनसंपर्क अधिकारी दानापुर रेलवे
दिलदारनगर रेलवे स्टेशन का अधूरा पड़ा पार्किंग एरिया। संवाद
दिलदारनगर रेलवे स्टेशन का अधूरा पड़ा पार्किंग एरिया। संवाद
दिलदारनगर रेलवे स्टेशन का अधूरा पड़ा पार्किंग एरिया। संवाद
दिलदारनगर रेलवे स्टेशन का अधूरा पड़ा पार्किंग एरिया। संवाद
दिलदारनगर रेलवे स्टेशन का अधूरा पड़ा पार्किंग एरिया। संवाद