विघ्नविनाशक की भक्ति में लीन हुए श्रद्धालु
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार से विघ्न विनाशक के पूजन की धूम शुरू हो गई। शहर में भव्य पांडालों में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा का पट्ट रात में सात और आठ बजे के बीच विधिवत पूजन-अर्चन के बाद खोल दिया गया। पट्ट खुलते ही पांडालों पर दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के मिश्रबाजार, चीतनाथ, स्टीमरघाट, नवापुरा, झंडातर सहित अन्य मुहल्ले में पूजा समितियों की तरफ पांडाल में गजानन की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
मंगलवार को सुबह से लेकर देर रात तक गणेश जी की पूजन की धूम मची रही। पांडालों में डीजे पर बज रहे गणेश जी के गीत और भक्तों की ओर से बीच-बीच में गणपति बप्पा मोरया का जयघोष किए जाने से वातावरण पूरी तरह से गणेशमय बना रहा।जिले में गणेश पूजन की शुरुआत नवयुवक गणेश पूजन समिति चीतनाथ की तरफ से की गई है। समिति के लोगों ने 14 वर्ष से भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजन-अर्चन का कार्य शुरू किया, जो लगातार जारी है। छवलका ईनार पर भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित कर पूजा-पाठ किया जा रहा है।
गणेश पूजन समिति मिश्रबाजार की तरफ से अति प्राचीन शिव मंदिर में भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। मंदिर सहित इसके आस-पास झालरों की सजावट की गई है। इस मंदिर में चार वर्षों से प्रतिमा स्थापित की जा रही है। बाल गणेश पूजा समिति मिश्रबाजार के नन्हें-मुन्ने समिति के सदस्यों का हौसला भगवान गणेश की पूजा को लेकर काफी बुलंद है। अपने सार्मथ्य के अनुसार समिति के छोटे-छोटे सदस्यों ने मिलकर विघ्न विनाशक की छोटी प्रतिमा पांडाल में स्थापित किया है।
पिछले पांच वर्षों से गणेश की पूजा कर रहे सदस्यों ने बताया गणेश पूजा से उनके मन को सुकून निकला है। बाल दुर्गा समिति स्टीमरघाट की तरफ से पांडाल में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। बाल गणेश गनपति पूजा समिति चीतनाथ घाट की तरफ से भगवान गणेश की प्रतिमा पांडाल में स्थापित की गई। शहर के विभिन्न मुहल्लों में पांडालों में स्थापित गणपति का दर्शन करने के भीड़ उमड़ रही है।