वाराणसी से गोरखपुर जाने में अब हिचकोले नहीं खाने पड़ेंगे। इस राष्ट्रीय
मार्ग को सांसद एवं केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के प्रस्ताव पर
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से फोन लेन निर्माण के लिए मंजूरी मिल
गई है। लगभग सवा दो सौ किलोमीटर लंबे इस मार्ग में करीब 12 सौ करोड़ रुपये
खर्च आने की वजह से इसकी फाइल रिपोर्ट कैबिनेट में भेज दी गई है।
गुरुवार
की रात जखनिया में मौजूद केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने अमर
उजाला से खास बातचीत में कहा कि वाराणसी से गोरखपुर तक की यात्रा में चार
जिले वाराणसी, गाजीपुर, मऊ और गोरखपुर पड़ते है। इसमें सबसे अधिक क्षेत्र
गाजीपुर का पड़ता है।
मार्ग की बदहाली को संज्ञान में लेते हुए फोर लेन
बनवाने का संकल्प शीघ्र ही पूरा होगा। सड़क निर्माण का बजट 1 हजार करोड़ से
ऊपर होने के चलते प्रोजेक्ट में कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक है। ऐसी स्थिति
में कैबिनेट की आगामी बैठक में परियोजना की मंजूरी के बाद तत्काल टेंडर आदि
के काम के बाद सड़क निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
एक प्रश्न के जवाब में
उन्होंने बताया कि अभी तक देश में दिल्ली और बंगलूरू के रेलवे स्टेशन पर
वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद इस सुविधा से लैस होने वालों
में वाराणसी जंक्शन, गाजीपुर सिटी के साथ उनकी ओर से चयनित आदर्श गांव का
स्टेशन दुल्लहपुर शामिल हो जाएगा।
देश के कुल पांच रेलवे स्टेशन पर इस
सुविधा की स्थापना में गाजीपुर में 2 और पूर्वांचल में 3 स्टेशन हो जाएंगे।
उन्होंने जिले के सभी रेलवे स्टेशनों को आदर्श बनाना प्राथमिकता बताई।