वैदिक युग में गाजीपुर घने जंगलों से घिरा था। तब यहां साधु संत तपस्या के लिए आते थे। यह स्थान रामायण काल से संबंधित है। महर्षि जमदग्नी, महाऋषि परशुराम के पिता ने यहीं पर तप किया। इसी जनपद में प्रसिद्ध ऋषियों गौतम और च्यवन को प्राचीन काल में शिक्षण और धर्मोपदेश दिए गए थे। गाजीपुर जिले का औहरहार इलाका भगवान बुद्ध की शिक्षा का भी मुख्य केंद्र रहा। इस जिले को चीनी यात्री ह्वेनसांग ने चंचू यानी युद्ध क्षेत्र की भूमि की संज्ञा दी थी।
पौराणिक और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध यह जिला कई क्रांतिकारी और शहीदों की भूमि है। 1965 में युद्ध के दौरान यहां के वीर जवान अब्दुल हमीद शहीद हुए थे। शहादत से पहले उन्होंने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। पूरी दुनिया में आज भी उनकी बहादुरी की चर्चा होती है।
सात विधानसभा सीटें
राजनीतिक रूप से भी ये जनपद काफी प्रभावशाली है। यहां सात विधानसभा सीटें हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में इनमें तीन पर भाजपा, दो पर समाजवादी पार्टी और दो पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। हाल ही में सपा के एक विधायक भाजपा में शामिल हो गए हैं।
अब एक बार फिर से यहां का सियासी माहौल गर्म होने लगा है। अगले साल चुनाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि योगी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में यहां कितना विकास हुआ? क्या आम लोग सरकार के कामकाज से खुश हैं? युवा महिलाएं और आम जनता मौजूदा सरकार के बारे में क्या सोचती है? राजनीतिक दलों के नेताओं का क्या मानना है? वह किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' रविवार को गाजीपुर में होगा।
आप भी 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दों को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप मतदान करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
कब और कहां होंगे कार्यक्रम?
1. चाय पर चर्चा
सुबह 9:00 बजे
स्थान : सिटी स्टेशन चौराहे पर
2. युवाओं से बातचीत
सुबह 11 बजे
स्थान : सहजानंद महाविद्यालय परिसर
3. महिलाओं से चर्चा
दोपहर 1:00 बजे
स्थान : सरजू पांडे पार्क, कचहरी
4. राजनतिक दलों के अध्यक्षों के साथ चर्चा
शाम 3:00 बजे
स्थान : सरजू पांडेय पार्क, कचहरी
अब तक 27 से अधिक जिलों में हो चुका है कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी यूपी, ब्रज, अवध और पूर्वांचल के 27 से अधिक जिलों में ‘सत्ता का संग्राम’ आयोजित हो चुका है। 11 नवंबर को गाजियाबाद से चला रथ मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ होते हुए एक दिसंबर को बुलंदशहर पहुंचा था। इसके बाद हमारा चुनावी रथ अवध और फिर पूर्वांचल में दाखिल हुआ। यह रथ लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़ से होते हुए अब गाजीपुर पहुंचेगा।
‘सत्ता का संग्राम’ में क्या होगा खास?
चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। चाय पर चर्चा के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं से संवाद होगा। राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे?
- अमर उजाला अखबार और amarujala.com पर आपको कार्यक्रम स्थल की जानकारी मिलेगी।
- ‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़ी व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में पढ़ सकेंगे।
- amarujala.com पर आप कार्यक्रमों को लाइव देख सकेंगे।
- सभी कार्यक्रम अमर उजाला डिजिटल के फेसबुक पेज और यू-ट्यूब चैनल पर देखे जा सकेंगे।
- इन सभी कार्यक्रमों के जरिए दर्ज होने वाली जनता की आवाज विशेष रूप से अमर
- उजाला के पॉडकास्ट ‘आवाज’ पर भी उपलब्ध रहेगी।