ओलावृष्टि से किसानों को हुई क्षति का मुआवजा देने में धांधली का मामला
स्थानीय तहसील में ओलावृष्टि से किसानों को हुई क्षति का मुआवजा देने के लिये शासन से प्राप्त धनराशि को तहसील कर्मियों द्वारा गबन कर लिये जाने के मामले में आरोपी तत्कालीन तहसीलदार उमेश चंद्र निगम के विरुद्ध कार्रवाई न कर उन्हें प्रमोशन देकर सदर एसडीएम बनाए जाने से अधिवक्ता नाराज हैं। आक्रोशित अधिवक्ता पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को दीवानी न्यायालय से जुलूस निकालकर प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय तक गये। वहां अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू किया।
अनशनस्थल पर हुई सभा में सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रकाश राय ने कहा कि किसानों का पैसा खाने वालों को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उन्हें दंडित न कर उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। किसान आपदा राहत राशि पाने के लिये काफी दिनों से आंदोलनरत हैं लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। किसानों की ताकत ही इस आंदोलन की ताकत है। जब तक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व सचिव आलोक राय ने कहा कि उमेश चन्द्र निगम के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर अधिवक्ता लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। पिछले दिनों तहसील परिसर में सर्वदलीय धरना प्रदर्शन भी हुआ था।
जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद भी आज तक न तो दोषी पूर्व तहसीलदार के विरुद्ध कार्रवाई हुई और न ही किसानों को आपदा राहत राशि का भुगतान किया गया। उन्होंने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, किसान नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील किया कि इस क्रमिक अनशन में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाएं। अधिवक्ता अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन एवं राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार कर रहे हैं। अनशन में मुख्य रूप से विरेंद्रनाथ सिंह, विश्वप्रकाश राय, अनिल कुमार राय, रामबिलास यादव, सुरेन्द्र यादव, प्रेमप्रकाश राय, शिवजी लाल, अजय यादव, शौकत अली, जियाउददीन, बद्री नरायन राजभर, काशीनाथ यादव आदि शामिल थे। सभा की अध्यक्षता ओमप्रकाश राय ने की।