राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में वर्ष 2007 से 2011 के बीच हुए लाखों रुपये के घोटाले में सीबीआई ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के दो कर्मचारियों को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में तलब किया है। घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की टीम कई बार सीएमओ कार्यालय धमक चुकी है।
सीबीआई नसबंदी आपरेशन में प्रयुक्त उपकरण की खरीद एवं भुगतान संबंधित जानकारी जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से मांग चुकी है। पुख्ता प्रमाण के आधार पर अब सीबीआई ने दोषियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
एनआरएचएम के तहत वर्ष 2007 से 2011 के बीच नसबंदी आपरेशन में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों की खरीद, मंगाई गई दवा और चेक के माध्यम से किए गए भुगतान में लगभग 25 से 30 लाख रुपये का घोटाला प्रकाश में आया था। इसकी जांच करने के लिए सीबीआई की टीम कई बार सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है। इसी कड़ी में 24 फरवरी को सीबीआई की टीम सीएमओ कार्यालय आई थी।
इस दौरान सीबीआई की टीम ने कुछ पूर्व सीएमओ और आधा दर्जन स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ भी की थी। टीम ने मार्च माह में इन लोगों से आठ बिंदुओं पर जवाब भी मांगा था। जिनसे जवाब मांगे गए थे, उनमें सीएमओ कार्यालय के तीन सेवानिवृत कर्मचारी भी शामिल थे। मौजूदा समय में तीन सेवारत कर्मचारियों से भी जवाब मांगा गया था। सीबीआई नेे जवाब देने के लिए इन कर्मचारियों को 18 मार्च तक का समय दिया था।
इसके बाद सीबीआई ने जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से नसबंदी आपरेशन में उपकरण की खरीद, दवा एवं भुगतान के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी थी। जांच एवं जवाब के आधार पर सीबीआई ने सीएमओ कार्यालय में वर्तमान समय तैनात दो कर्मचारियों को दिल्ली मुख्यालय पर तलब किया है जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई ने जांच के लिए विभाग के दो कर्मचारियों को तलब किया है। दोनों स्वास्थ्यकर्मी दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय गए हैं। उनके आने के बाद ही कुछ पता चल पाएगा। डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, सीएमओ