पुुलिस अभिरक्षा से करंडा ब्लाक प्रमुख के पति अमरनाथ यादव और वाराणसी के हेरोइन तस्कर राजेश पांडेय को हथियार के बल पर छुड़ाकर भगाने के मामले पकड़े गए तीन आरोपियों पर पुलिस ने गुरुवार को गैंगस्टर की कार्रवाई की। क्षेत्राधिकारी सदर ने जेल शाम को कारागार परिसर पहुंचे और जमानत पर जेल से छूटते ही तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तीनों को कोतवाली लाया गया।
सैदपुर निवासी ईंट भट्ठा मालिक चंदन सिंह पर 25 अप्रैल की रात जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में करंडा ब्लाक प्रमुख के पति अमरनाथ यादव और राजेश यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया गया था। वाराणसी कचहरी से एसटीएफ ने दोनों को गिरफ्तार किया था।
दोनों आरोपियों को मुहम्मदाबाद कोतवाली लाया गया जहां दो दिन तक इनसे पूछताछ की गई थी। 28 अप्रैल को मुहम्मदाबाद के एक दरोगा और छह कांस्टेबल दोनों आरोपियों को जीप से सैदपुर कचहरी में पेशी पर ले जा रहे थे। इसी दौरान शहर के भुतहियाटांड चौहारे पर लग्जरी वाहन में सवार हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में पुलिस जीप को घेर लिया था और हथियार के बल पर पुलिसकर्मियों को डराया। फिर बदमाश दोनों अपराधियों को छुड़ा ले गए थे। मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. उमेशचंद श्रीवास्तव ने दरोगा समेत सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
नए एसपी वैभव कृष्ण ने अमरनाथ को छुड़ाने वाले तीन राणा यादव, अवधेश और पप्पू सिंह को गिरफ्तार कराया था। इन तीनों को अमरनाथ और राजेश पांडेय को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर भगा ले जाने के मामले में जमानत पर जेल रिहा गया किया। शाम को तीनों जेल से निकलने वाले थे कि जेल परिसर में मौजूद क्षेत्राधिकारी कमल किशोर, जंगीपुर थानाध्यक्ष सुशील यादव और कोतवाली प्रभारी श्रीप्रकाश दुबे उन्हें फिर पकड़ लिया। क्षेत्राधिकारी कमल किशोर ने बताया कि तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।