इसी दौरान सादे वेश में बाइक सवार पुलिस कर्मी वीरेंद्र मिश्रा व रंजीत कुमार पहुंचे और उसके अभद्र व्यवहार करने लगे। विरोध करने पर मारपीट करने के साथ ही उनके मुंह में पिस्टल डाल दी और धमकाते हुए पकड़कर थाने लाए। जहां एक कमरे में बंद कर करीब चार-पांच पुलिसकर्मियों ने डंडे व बेल्ट से पिटाई की।
घटना की जानकारी होते ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुकेश राय सहित बड़ी संख्या में संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं थाने पर पहुंच गए। मामले में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। वहीं, मामले की जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने अपने स्तर से जांच कराई। प्रथम दृष्टया दोनों सिपाहियों को दोषी मानते हुए लाइन हाजिर कर दिया।
एसपी के आदेश पर एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी सुबह नौ बजे थाने पर पहुंच गए। वह दोपहर करीब एक बजे तक थाने पर जांच-पड़ताल किए। इस दौरान उन्होंने पीड़ित से बयान दर्ज किए। साथ ही आरक्षियों के भी बारी-बारी से लिखित और मौखिक बयान लिए। जांच के क्रम में उन्होंने थाने के हर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को देखाा।
महकमे की मानें तो गंभीरता से जांच चल रही है, अन्य पुलिस कर्मियों पर भी इसकी गाज गिर सकती है। गाजीपुर एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि मामले में दो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी ग्रामीण से प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।