बड़हरिया गांव के पास हो रहा गंगा में कटान।
बड़हरिया और रफीपुर में कटान का क्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को दिन में मात्र एक घंटे में दो बीघा भूमि कटकर गंगा में समाहित हो गई। हो रहे कटान से लोग सहम गए हैं। गंगा नदी भूमि को काटते हुए तेजी से रफीपुर और बड़हरिया गांव के आबादी की तरफ बढ़ रही है। अगर कटान की रफ्तार नहीं थमी तो दोनों गांव के दस घर गंगा में समा सकते हैं।
बड़हरिया और रफीपुर में गंगा कटान का क्रम कोई नई बात नहीं है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने और घटने पर वर्षों से कटान हो रहा है। पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू होते ही कटान होने का सिलसिला भी जारी हो गया। रोज किसानों की खेती योग्य भूमि कटकर गंगा में समाहित हो रही है।
बड़हरिया और रफीपुर गांव में गुरुवार दोपहर में करीब 12 बजे कटान होना शुरू हो गया। मात्र एक घंटे में दो बीघा भूमि लोगों के आंखों के सामने ही गंगा में समाहित हो गई। पतित पावनी गंगा तेजी से भूमि को काटते हुए रफीपुर और बड़हरिया गांव की तरफ बढ़ रही हैं।
अगर कटान नहीं रुका तो रफीपुर के कन्हैया पासवान, रामपति गौतम, पिंटू राम, लोचनराम तथा बड़हरिया के शिव गोविंद यादव, कमला यादव, बसगित यादव, कपिलदेव यादव के मकान कटान की भेंट चढ़ जाएंगे। इससे इन मकानों में रहने वाले लोग सहमें हुए हैं।
लोगों ने बताया कि अगर इसी तरह से कटान जारी रही तो एक-दो दिन में घर को खाली करना पड़ेगा। पिछले चार वर्षों में देवनारायण यादव की पांच बीघा, शामू यादव सात बीघा, कमला यादव दो बीघा, सुदामा यादव आठ बीघा और राम अवतार यादव की पांच बीघा भूमि समाहित हो चुकी है।