प्रदेश सरकार के कैबिनेट की पहली बैठक में सीएम आदित्यनाथ योगी ने लघु एवं सीमांत किसानों के कर्ज माफ करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से जिले के करीब दो लाख 40 हजार किसानों को राहत मिलेगी। कैबिनेट की ओर से मंगलवार की शाम आए कर्ज माफी के फैसले से जिले के किसान खुशी से झूम उठे।
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद किसानों में कर्ज माफी की आस जग गई थी। जनपद में चार लाख 16 हजार किसानों में करीब 90 प्रतिशत किसान लघु और सीमांत किसान हैं। भाजपा की सरकार बनने के बाद वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च में बैंकों की ओर से किसानों से ऋण वसूली को लेकर कोई खास अभियान नहीं चलाया गया। विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से सरकार बनने पर किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया गया था।
चुनाव के समय किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में आज शाम सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान कर दिया। जिले में कुल चार लाख 16 हजार किसान हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब एक लाख पुराने किसान हैं, जिन्होंने केेसीसी एवं फसली ऋण योजना के जरिए बैंकों से कर्ज लिया था।
साथ ही इस बार करीब 40 हजार नए किसानों ने बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर फसल की बुआई की है। इसमें करीब 90 प्रतिशत लगभग तीन लाख 65 हजार लघु और सीमांत किसान हैं, जिनको प्रदेश सरकार के इस फैसले का लाभ मिलेगा।
सीमांत किसान जिनके पास एक हेक्टेयर तक की भूमि होती है। दो हेक्टेयर तक की भूमि वाले लघु किसानों को प्रदेश सरकार के इस फैसले का लाभ मिलेगा। इस संबंध में एलडीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की इस घोषणा का लाभ कर्ज लिए लघु और सीमांत किसानों को मिलेगा।