जिले में चौबीस घंटे बाद रविवार की दोपहर करीब 12:44 बजे 4 सेकेंड के लिए आए भूकंप के झटके से जिलेवासी कांप उठे। लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से निकलकर खुले आसमान के नीचे भागने लगे। आंखों में दहशत लिए लोग घंटों मकानों के बाहर इधर-उधर बैठे रहे। झटके की वजह से शहर के प्रकाश टाकीज के पास दो, दो मंजिला मकान सड़क की तरफ झुककर अब-तब गिरने की स्थिति में पहुंच गए। वहीं कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में घर और विद्यालय की दीवार में दरार पड़ गई।
रविवार की दोपहर 12:44 पर भूकंप के झटके से धरती हिलने लगी। मकानों और दूकानों से निकलकर भूकंप-भूकंप का शोर मचाते हुए लोग खुले स्थानों की तरफ भागने लगे।
लोगों की आवाज सुनकर जो लोग भूकंप से अंजान थे, वे भी घरों से बाहर भागने लगे। कुछ ही पल में लोगों के घर पूरी तरह से खाली हो गए। एक तरफ जहां अधिकांश लोग घरों के आसपास स्थित मैदान में चले गए, वहीं कई अन्य उस स्थान पर खड़े हो गए, जहां किसी खतरे का भय नहीं था।
घरों से बाहर भागे लोगों की आंखों में भूकंप का खौफ साफ दिखाई दे रहा था। झटके की वजह से प्रकाश टाकीज स्थित मो. सलीम और रामधनी का दो मंजिला मकान सड़क की तरफ लटक गया।
मकानों को देख लोग इस बात की आशंका व्यक्त करते रहे कि ये अब-तब गिर जाएंगे। बिरनो के माधवपुर मिश्रौली में स्थित पंडित दीनदयाल स्मारक विद्या मंदिर की दीवार चटक गई। इसके अलावा शहर सहित जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गई।