अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में शहर के लंका मैदान में वृहद कायस्थ समागम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक दौर में समाज के लोगों को घर की चहारदीवारी लांघकर सियासी हल्के में अपनी गिनती करानी होगी। सत्ता, शासन और राजनीतिक दलों को अपनी ताकत का एहसास कराना होगा। तभी हम सत्ता शासन में अपना हिस्सा और भागीदारी प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि खामोशी तोड़ अपने हक और अधिकार की आवाज बुलंद करनी होगी। आजादी के बाद लोकसभा, राज्यसभा और प्रदेश की विधानसभाओं में हमारे समाज का सम्मानजनक प्रतिनिधित्व हुआ करता था लेकिन पिछले दो-तीन दशकों से राजनीतिक दल हमारे समाज के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। इसके लिए केवल राजनीतिक दल ही नहीं जिम्मेदार हैं बल्कि हमारी सियासी उदासीनता भी इसका प्रमुख कारण है। हमें सियासी उदासीनता छोड़कर अपने हक और अधिकार के लिए मुखर होना होगा। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने समाज का अपना एक अलग राजनीतिक संगठन बनाने का भी प्रस्ताव रखा। इसका समाज के लोगों ने करतल ध्वनि के साथ समर्थन एवं स्वागत किया। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद पीजी काॅलेज स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण, पीरनगर स्थित राजेंद्र प्रसाद और शास्त्री नगर स्थित लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महामंत्री विश्व विमोहन कुलश्रेष्ठ, तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष रवि पिल्लई, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंद्रसेन श्रीवास्तव, युवा संभाग के प्रदेश अध्यक्ष गौरव सक्सेना ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम में आए अतिथियों को जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव और जिला महामंत्री अरुण सहाय ने सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंद्रसेन श्रीवास्तव ने डॉ. पूजा श्रीवास्तव को महिला सभा का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया। कार्यक्रम में प्रेमकुमार श्रीवास्तव, सुरेशचंद्र श्रीवास्तव, दीनानाथ श्रीवास्तव, शशिकांत श्रीवास्तव, पियूष श्रीवास्तव, रविंद्र श्रीवास्तव, अमर सिंह राठौर, अजय श्रीवास्तव, विपिन बिहारी वर्मा आदि उपस्थित थे। संचालन मोहनलाल श्रीवास्तव एवं कार्यक्रम के संयोजक मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।