गाजीपुर। शहर कोतवाली के सकरताली गांव के पास सड़क किनारे गेंहू के खेत में हत्याकर फेंके गए मजदूर के शव मामला का पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड में मृतक के भतीजे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में मृतक के भतीजे ने बताया कि हत्या के मामले में जेल जाने के बाद बाहर आया चाचा उसे और उसके पिता को आए दिन गाली देने के साथ ही मारपीट कर धमकी दे रहा था, जिससे आजिज आकर उसने अपने दोनों साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया।
एसपी के मुताबिक मामले में महाराजगंज तिराहे के पास से रजागंज निवासी राहुल कुमार, देवकली थाना क्षेत्र के बयेपुर निवासी सुनील कुमार और इसी गांव के निवासी अंबिका उर्फ बोस बिंद को गिरफ्तार किया गया है। राहुल कुमार ने पुलिस को बताया कि मृतक जितेंद्र राम (45) उसके रिश्ते में चाचा लगता था। वह 2022 में हत्या के मामले में जेल गया था और इसके बाद जमानत पर बाहर आया था।
इसके बाद आए दिन मुझे और मेरे पिता को गाली देकर धमकाता था, जिससे मैं आजिज आकर गया था। इसकी जानकारी पिता के मौसी के लड़के सुनील कुमार को बताई। इसके बाद जितेंद्र को रास्ते से हटवाने को कहा। फिर, सुनील ने अपने ही गांव के अंबिका उर्फ बोस बिंद से राहुल को मिलवाया और इसके बाद तीनों ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम किया। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर गड़ासा, मृतक का मोबाइल और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद किया गया है।
पहले भी हत्या कर चुके अंबिका से हुई थी 10 हजार में डील
गाजीपुर। देवकली थाना क्षेत्र के बयेपुर निवासी अंबिका उर्फ बोस बिंद की 49 वर्ष का है। वह इसके पहले 2022 में भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था। शहर कोतवाल दीन दयाल पांडेय के मुताबिक अंबिका ने अपने गांव के एक युवक की हत्या के मामले में जेल गया था। आरोपी राहुल से उसके रिश्तेदार ने मुलाकात कराई थी। उस समय अंबिका ने महज दस हजार रुपये में ही हत्या करने की डील किया था। हालांकि ये पैसे उसे मिल भी नहीं पाए और वो फिर से वो जेल की सलाखों की पीछे पहुंच गया।
दूसरे को फंसाने की बनाए थे योजना, एक चूक से फंस गए आरोपी
गाजीपुर। वारदात को अंजाम देने के पहले तीनों ने जबर्दस्त योजना बनाई थी। पुलिस के मुताबिक राहुल ने बताया कि वर्ष 2022 में मोहल्ले के वीरेंद्र की मृत्यु हुई थी, जिसमे जितेंद्र राम (मृतक) पर हत्या का आरोप लगा था और वो जेल गया था। हालांकि बाहर आ गया था, ऐसे में तीनों ने योजना बनाई थी कि वो वारदात को अंजाम देने के बाद वीरेंद्र के परिवार के लोगों पर ही शक जाहिर करके बच जाएंगे। लेकिन, अंबिका ने डील के पैसे न मिलने पर मृतक का मोबाइल अपने पास रख लिया था और तीनों की बात होती थी, जिससे पुलिस ने सर्विलांस की मदद से जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया।
शराब पिलाने के बाद ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
गाजीपुर। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र राम शराब पीता था और पल्लेदारी करता था। शरीर से भारी जितेंद्र की हत्या करने के पहले राहुल, सुनील कुमार और अंबिका उर्फ बोस बिंद ने उसे शराब पिलाने के बाद मारने का प्लान तैयार किया गया, जिसके तहत 24 फरवरी को उसे पीथापुर में स्थित देशी शराब के ठेके पर शराब पिलाया गया। उसके बाद आरोपी उसे बाइक से घुमाते हुए बबेडी ग्राम की सीमा में ले गया और वारदात को अंजाम दिए।
अंबिका के नशे में होने के कारण राहुल ने चलाया गड़ासा
गाजीपुर। पुलिस के मुताबिक गड़ासे से हत्या अंबिका उर्फ बोस को करना था। लेकिन, वह शराब पीने की वजह से ऐसा नहीं कर पा रहा था। ऐसे में राहुल कुमार ने गड़ासे से जितेंद्र के सिर पर कई वार कर हत्या कर दिया। जबकि सुनील राम और अंबिका उर्फ बोस वार के दौरान मृतक को पकडे़ थे। वहीं, पूछताछ में यह बात सामने आई कि हत्या करने के शव को नीचे खेत में ढकेल दिए थे।