पड़ोसियों ने बताया कि 15 साल पहले कुसुम की शादी हुई थी लेकिन पति ने छोड़ दिया। तभी से वह मायके में अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। इस बीच, आठ वर्ष पहले उसकी दूसरी शादी कर दी गई थी। इसके बाद भी वह अपने मायके में दोबारा आकर रहने लगी। भाई को यह नापसंद था। यह नाराजगी तब और बढ़ गई जब शिवराम ने कुसुम को जमीन का एक हिस्सा दे दिया। अभय अपने पिता के इस फैसले से बाैखलाया हुआ था।
रविवार की सुबह इसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। तभी अभय ने मां जमुनी, पिता शिवराम और बहन कुसुम काे कुल्हाड़ी से दाैड़ा-दाैड़ा कर लहुलूहान कर दिया। पड़ोसी जब पहुंचे तो आरोपी माैके से भाग गया। तब तक गंभीर रूप से घायल तीनों लोगों की माैत हो चुकी थी।