संयुक्त परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री एवं जिलाध्यक्ष रहे कर्मचारी नेता डीएन सिंह की सातवीं पुण्यतिथि सोमवार को श्रमिक उत्थान समिति की ओर से फुल्लनपुर स्थित आवास पर मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक अरविंद नाथ राय ने कहा कि वह कर्मचारी हितों को ही सर्वोपरि मानते थे। कर्मचारियों एवं असहायों के मसीहा थे। वह भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हमारे दिलों में आज भी जिंदा हैं। वे किसी भी आंदोलन में बार-बार कहते थे कि एकता और अखंडता को बनाए रखने के साथ ही उनका अन्य बड़ा मकसद अपने अधिकारों को सुरक्षित रखना था। इन्हीं अधिकारों के लिए वह अपनी जान की बाजी लगाकर कई बार आमरण अनशन तक किए। राज्य कर्मचारियों के लिए वे हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे। समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ शिक्षक नेता चौधरी दिनेश चंद्र राय ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और कहा कि उनके जैसा कर्मचारी नेता नहीं मिलेगा।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने कहा कि डीएन सिंह के नेतृत्व में डेढ़ दशक तक कर्मचारियों का उत्पीड़न नहीं हुआ। उनके कार्यों व पदचिह्नों पर चलने से ही कर्मचारी तथा समाज का भला हो सकेगा। माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण उपाध्याय ने कहा कि हर कर्मचारी को उनके प्रेरक कार्यों से सबक लेते हुए अपने हितों के लिए संघर्ष करते रहना चाहिए। इसके लिए एकजुटता का होना भी आवश्यक है। परिषद मंडल अध्यक्ष डीएस राय ने कहा कि वह आज भी कर्मचारी संगठनों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसे में कर्मचारियों का संगठित होना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारी एकता को बनाए रखना सभी का कर्तव्य है। सभा में रत्नेश राय, रियाज अहमद, ओमनारायण राय, श्रीनिवास चौबे, सूर्य प्रकाश राय, बालेंद्र त्रिपाठी, आलोक कुमार राय, अभय सिंह, रवींद्र नाथ तिवारी, राजीव कुमार सिंह आदि लोग रहे।