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Ghazipur News: एक करोड़ की लागत से बना ट्रामा सेंटर, हो रहा सिर्फ टीकाकरण

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मुहम्मदाबाद। दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से तहसील मुख्यालय पर एक करोड़ की लागत से निर्मित ट्रामा सेंटर में अब तक इलाज की व्यवस्था न होने से जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। ट्रामा सेंटर सिर्फ वैक्सीनेशन सेंटर बनकर रह गया।
इलाके में दुर्घटना में घायल मरीजों को समय से अत्याधुनिक ढंग से इलाज की सुविधा के लिए करीब सात वर्ष पूर्व ट्रामा सेंटर बनाने का कार्य तहसील मुख्यालय स्थित पुराने सीएचसी परिसर में शुरू हुआ। निर्माण कार्य का शिलान्यास वर्ष 2016 में तत्कालीन विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी ने किया था। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद जोर-शोर से निर्माण कार्य शुरू हुआ और 2020 में भवन पूरी तरह से तैयार होने के बाद उसका विधिवत लोकार्पण 30 अक्तूबर 2020 को बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और तत्कालीन विधायक अलका राय ने किया। लोकार्पण समारोह के दौरान सांसद ने इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि गिनाते हुए जल्द से जल्द स्टाफ की तैनाती के साथ पूरी सुविधा के साथ इसे लोगों के इलाज के लिए चालू करने की बात कही थी। लेकिन लोकार्पण के तीन साल बीत जाने के बाद भी ट्राॅमा सेंटर में इलाज की व्यवस्था न होने के कारण इसका लाभ तहसील क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल रहा है। इस केंद्र पर तैनाती के नाम पर एक एनेस्थीसिया ( निश्चेतक) के चिकित्सक डाॅक्टर नंदकिशोर प्रसाद, स्टाफ नर्स रंजना यादव, वार्ड ब्वाॅय अमितेश्वर राय व योगेश कुमार की तैनाती की गई है।
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केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मिक केंद्र पर इलाज के लिए आने वाले इक्का दुक्का मरीजों को सामान्य मरीजों की दवाई देकर घर भेज देते हैं। किसी भी तरह की दुर्घटना में घायल मरीजों के इलाज की व्यवस्था यहां नहीं की गई है। इस केंद्र पर कोविड-19 का टीकाकरण किया जाता रहा है। यह ट्राॅमा सेंटर टीकाकरण केंद्र बन कर रह गया है। इसका निर्माण इस प्रयोजन से किया गया था कि दुर्घटना में घायल मरीजों का ट्रामा सेंटर में तत्काल इलाज शुरू हो जाएगा और उनकी जान बचाई जा सकेगी।

विधानसभा में उठा था सवाल
ट्राॅमा सेंटर के चालू न होने का मामला स्थानीय विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी ने पिछले वर्ष विधान सभा में भी उठाया था और इसमें इलाज से संबंधित मशीनों को लगाने और डाॅक्टरों की नियुक्ति किए जाने की मांग की थी। एक वर्ष पूर्व आए उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से भी इस ट्रामा सेंटर को शुरू कराने की मांग यहां की जनता द्वारा किया गया था, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यहां डाॅक्टरों आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। ट्रामा सेंटर के नहीं चलने से दुर्घटना मेंं घायल मरीज जिला मुख्यालय, मऊ या वाराणसी जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
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रेफर कर दिए जाते हैं मरीज, हो रहा पत्राचार
ट्रामा सेंटर के अधीक्षक डाॅ. नंदकिशोर प्रसाद ने कहा जब से वे आए हैं सीएचसी पर आपरेशन थियेटर को शुरू करवा कर 44 सर्जरी करा चुके हैं। यहां इलाज के लिए चिकित्सक और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को पत्राचार करते रहते हैं। सीएचसी मुहम्मदाबाद में दुर्घटना में घायल लगभग आधा दर्जन से अधिक मरीज प्रति दिन आते हैं, जिन्हें भर्ती न करके सीएचसी के डाॅक्टरों द्वारा उन्हें गाजीपुर के लिए रेफर कर दिया जाता है। अप्रैल 2023 से सितंबर 2023 तक सीएचसी मुहम्मदाबाद से लगभग 586 मरीजों को गाजीपुर मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर किया गया।
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